फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राम मंदिर के प्रसाद को मिलेगा खाद्य सुरक्षा का प्रमाण: ऑडिट पूरा, अब एफएसएसएआई की मंजूरी का इंतजार

सार

अयोध्या राम मंदिर के प्रसाद की स्वच्छता व्यवस्था पर एफएसएसएआई की मुहर लगने वाली है। खाद्य सुरक्षा ऑडिट पूरा हो चुका है और मानकों पर खरा उतरने के बाद मंदिर को 'भोग प्रमाणित' धार्मिक स्थलों की सूची में शामिल किया जाएगा। आखिर प्रसाद की रसोई में किन मानकों की जांच हुई और इसका श्रद्धालुओं पर क्या असर पड़ेगा? पढ़िए इस रिपोर्ट में। 
विज्ञापन
भोग प्रमाणित मंदिरों की सूची में होगा शामिल राम मंदिर? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अयोध्या के राम मंदिर में रामलला को चढ़ने वाले प्रसाद की खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता व्यवस्था पर अब भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) की मुहर लगने जा रही है। मंदिर की रसोई और प्रसाद तैयार करने की व्यवस्था का खाद्य सुरक्षा ऑडिट हो चुका है।
विज्ञापन


मानकों पर खरा उतरने के बाद मंदिर को भोग प्रमाणित धार्मिक स्थलों की सूची में शामिल किया जाएगा। इसका मतलब यह होगा कि प्रसाद तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली खाद्य सामग्री, पानी, रसोई की स्वच्छता, कर्मचारियों की साफ-सफाई और भोजन संभालने की प्रक्रिया तय खाद्य सुरक्षा मानकों के मुताबिक है। भोग पहल का मकसद धार्मिक स्थलों पर प्रसाद और दूसरे खाद्य पदार्थों को सुरक्षित और स्वच्छ तरीके से तैयार कराना है। एफएसएसएआई के अनुसार, उत्तर प्रदेश से 17 और हिमाचल प्रदेश से आठ धार्मिक स्थलों को इस साल सूची में शामिल किया गया है। उत्तर प्रदेश की 2026 सूची में कुश्मांडा देवी मंदिर, कानपुर, कैलाश मंदिर एटा, दांगहाटी मंदिर, दाऊजी मंदिर, श्री हनुमान जी महाराज मंदिर, सेमरी माता मंदिर, स्वयंभू शिव मंदिर, ठाकुर श्री द्वारकाधीश जी महाराज मंदिर, मां मुक्तेश्वरी मंदिर, जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं। सूची में गुरुद्वारा साहिब सिंह सभा और श्री गुरु नानक गुरुद्वारा भी हैं।

सूची में मंदिरों के साथ गुरुद्वारे, चर्च, मस्जिद भी शामिल
एफएसएसएआई ने इस साल 256 धार्मिक स्थलों को भोग प्रमाणित सूची में शामिल किया गया है। खास बात यह है कि यह सूची सिर्फ मंदिरों तक सीमित नहीं है। इसमें गुरुद्वारे, चर्च, मस्जिद, बौद्ध और जैन धार्मिक स्थल भी शामिल हैं। यानी धार्मिक स्थल पर श्रद्धालुओं को दिया जाने वाला प्रसाद, लंगर या अन्य भोजन सुरक्षित तरीके से तैयार हो, इस पर जोर दिया गया है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: केपीएससी परीक्षा में गड़बड़ी का मामला: ईडी की बड़ी कार्रवाई, निलंबित अध्यक्ष और सदस्य गिरफ्तार; क्या है मामला?
विज्ञापन


सूची में मंदिरों के साथ गुरुद्वारे, चर्च, मस्जिद भी शामिल
एफएसएसएआई ने इस साल 256 धार्मिक स्थलों को भोग प्रमाणित सूची में शामिल किया गया है। खास बात यह है कि यह सूची सिर्फ मंदिरों तक सीमित नहीं है। इसमें गुरुद्वारे, चर्च, मस्जिद, बौद्ध और जैन धार्मिक स्थल भी शामिल हैं। यानी धार्मिक स्थल पर श्रद्धालुओं को दिया जाने वाला प्रसाद, लंगर या अन्य भोजन सुरक्षित तरीके से तैयार हो, इस पर जोर दिया गया है
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें