उन्होंने कहा कि 99 फीसदी भारतीय किसानों के पास पांच हेक्टेयर से भी कम खेत हैं। विशेषकर छोटे किसानों की आय दोगुनी करने के लिए सुझाव तैयार करने पर पुणे में काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि ये वैसे किसान हैं, जिनके पास एक हेक्टेयर से भी कम खेत है। साथ ही वे जीने लायक कमाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि डब्ल्यूएसयू मधुमक्खी पालन परियोजना पर आईसीएआर के साथ काम कर रहा है। इसमें महिलाओं को शामिल किया गया है।
शोधार्थियों-शिक्षाविदों को साथ लाने में मदद
डब्ल्यूएसयू ने जिन राज्य कृषि विश्वविद्यालयों से साझेदारी की है, उनमें हरियाणा, उत्तराखंड, राजस्थान, कश्मीर, पश्चिम बंगाल, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल के कृषि विश्वविद्यालय शामिल हैं। उधर, आईसीएआर के महानिदेशक त्रिलोचन महापात्रा ने कहा कि आईसीएआर और डब्ल्यूएसयू के बीच सहयोग शोध शोधार्थियों, शिक्षाविदों और साझेदार संस्थानों के छात्रों को साथ लाएगा। आपसी विशेषज्ञता का लाभ उठाने को एक मंच भी प्रदान करेगा।