ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बल के प्रमुख जनरल एंगस कैंपबेल।
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ऑस्ट्रेलियाई रक्षा बलों के प्रमुख जनरल एंगस कैंपबेल ने शुक्रवार को कहा कि मेरा आकलन यह है कि जब तक हम राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की इच्छा में कमी नहीं देखते, तब तक रूस-यूक्रेन युद्ध जारी रहेगा। नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में "पुराना, नया और अपरंपरागत: समकालीन संघर्षों का आकलन" विषय पर पैनल चर्चा में बोलते हुए जनरल कैंपबेल ने रूस के यूक्रेन पर आक्रमण को "अवैध, अन्यायपूर्ण और अपमानजनक आक्रमण" करार दिया।
उन्होंने कहा कि इच्छाशक्ति के इस संघर्ष ने वर्तमान में यूक्रेनी सशस्त्र बलों और यूक्रेनी लोगों ने कुछ असाधारण सफलता का प्रदर्शन किया है। उनका यह असाधरण प्रदर्शन और उस पर केंद्रित विरोध करने की शक्ति अपने देश में रूस की उपस्थिति और उसके वर्चस्व से मुक्त करने का दृढ़ संकल्प है। उन्होंने कहा कि यह मेरा आकलन है कि जब तक हम पुतिन की इच्छा में कमी नहीं देखते हैं, तब तक यह युद्ध जारी रहेगा। और मेरे दृष्टिकोण से राष्ट्रपति पुतिन की इच्छा में कमी दुर्भाग्य से ही संभव है। उन्होंने यह भी कहा कि यह संघर्ष यूक्रेन के लोगों के लिए एक आपदा है।
ऑस्ट्रेलियाई रक्षा प्रमुख उन राष्ट्रों के व्यापक गठबंधन से प्रभावित दिखे जो यूक्रेन का समर्थन करने आगे आए हैं, चाहे कूटनीतिक रूप से या भौतिक रूप से, मानवीय या घातक हथियारों के साथ मदद के रूप में। कैंपबेल ने कहा कि लेकिन जब तक बदलाव नहीं होगा, मुझे लगता है कि यह युद्ध जारी रहेगा। डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन के बयान को याद करते हुए कैंपबेल ने कहा कि यदि रूस लड़ना बंद कर देता है, तो युद्ध समाप्त हो जाएगा। लेकिन यदि यूक्रेन लड़ना बंद कर देता है, तो यूक्रेन समाप्त हो जाएगा। जनरल कैंपबेल ने कहा कि यूक्रेनी राष्ट्र असाधारण नेतृत्व के साथ और विरोध करने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ एकीकृत है।
उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने रूस की सेना की तरफ से यूक्रेन के लोगों के खिलाफ किसी भी कीमत पर युद्ध जारी रखने के इरादे में अभी तक कोई बदलाव नहीं देखा है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा इस संघर्ष को जारी रखने के उनके दृढ़ संकल्प के रूप में देखा जा रहा है। वास्तव में नाटो बनाम रूस युद्ध के बारे में बात करते हुए ऑस्ट्रेलियाई सेना प्रमुख ने कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं है। बिल्कुल नहीं। यह युद्ध यूक्रेन का यूक्रेनी लोगों के बचाव के लिए है। हां ये अलग बात है कि नाटो के सदस्य और व्यापक अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सदस्य जैसे कि ऑस्ट्रेलिया और इंडो-पैसिफिक के अन्य देश यूक्रेन और उसकी विरोध करने क्षमता और बचाव करने के लिए सहायता करने की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसी तरह से यह सुझाव देना कि एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन ने अपने ही देश पर हमला किया है, यह पूरी तरह बकवास है। यह एक क्रूर शासन द्वारा एक स्वतंत्र संप्रभु राष्ट्र पर एक अकारण हमला है। उन्होंने यह भी कहा कि रूस को पीड़ित के रूप में, रूस को रक्षक के रूप में बताने के लिए एक असाधारण अभियान चलाए जा रहे हैं और यह पूरी तरह बकवास है।