बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता के बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में हिंदुओं, हिंदू मंदिरों, उनके घरों और दुकानों पर हमले हो रहे हैं। इन हमलों में अनगिनत लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है तो उनकी संपत्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है। हिंदुओं पर हो रहे इन हमलों की वैश्विक स्तर पर निंदा की जा रही है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। भारत में भी अनेक संगठनों ने सरकार से अपील की है कि वह पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदुओं सहित सभी अल्पसंख्यकों के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
हाजी सैयद सलमान चिश्ती (गद्दीनशीन दरगाह अजमेर शरीफ और चिश्ती फाउंडेशन के चेयरमैन) ने मंगलवार को एक बयान जारी कर कहा कि वे हाल ही में बांग्लादेश में हुई हिंसा और विभिन्न धार्मिक समुदायों के पूजा स्थलों पर हमलों की गहरी निंदा करते हैं। ऐसी नफरत और असहिष्णुता के कार्य अत्यधिक परेशान करने वाले हैं और उन शांति, सम्मान और एकता के सिद्धांतों के विरुद्ध हैं जिन्हें वे प्रिय मानते हैं।
उन्होंने कहा है कि वे बांग्लादेश में हिंदुओं, जातीय अल्पसंख्यकों और उनके पूजा स्थलों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हैं। ये हिंसक कार्य न केवल व्यक्तियों और समुदायों को नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि हमारी विविध और आपस में जुड़ी हुई दुनिया के ताने-बाने को भी खतरे में डालते हैं। यह अत्यावश्यक है कि सभी लोग एकजुटता में खड़े हों, शांति, पारस्परिक सम्मान और सभी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा की वकालत करें। उन्होंने कहा कि वे सभी नेताओं और समुदायों से इन मुद्दों को हल करने और सद्भाव और समझ की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एकजुट होने का आग्रह करते हैं।