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Politics: ED पर हुए हमले में TMC के खिलाफ बोल फंसे अधीर रंजन; कांग्रेस पर BJP का पलटवार, कहा- यह कैसा गठबंधन

Sun, 07 Jan 2024 10:42 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने ईडी पर हुए हमले पर कहा था कि सत्ताधारी दल उन्हें पीछे से ताकत दे रहे हैं और इस वजह से काका बाबू, खोका बाबू, शाहजहां और नूर की कमी नहीं है। अब इसी पर भाजपा नेताओं ने पलटवार किया है। 
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ED पर हुए हमले में TMC के खिलाफ बोल फंसे अधीर रंजन - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल के संदेशखली में शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया था। उनके वाहनों में भी तोड़फोड़ की गई थी। इस घटना को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ता जा रहा है। एक तरफ कांग्रेस ने मोदी जी और दीदी का कनेक्शन मजबूत बताकर तंज कसा, तो वहीं टीएमसी ने घटना की निंदा। अब भाजपा ने पलटवार किया है। उसका कहना है कि यह किस तरह का गठबंधन है, जहां कांग्रेस के सबसे बड़े नेता ही कह रहे हैं कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र खतरे में है। 

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अधीर रंजन चौधरी का बयान
गौरतलब है, कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने शनिवार को कहा था, 'सत्ताधारी दल उन्हें पीछे से ताकत दे रहे हैं और इस वजह से काका बाबू, खोका बाबू, शाहजहां और नूर की कमी नहीं है। अगर भाजपा के पास हिम्मत है तो उन्हें कुछ करना चाहिए। जब वह मणिपुर में कुछ नहीं कर पाए तो वह बंगाल में कैसे करेंगे? हम अशांत क्षेत्र में राष्ट्रपति शासन चाहते हैं, लेकिन उनके पास हिम्मत नहीं है। वे केवल दावा करते हैं। मोदी जी और दीदी का कनेक्शन मजबूत है और इस वजह से यह नहीं हो सकता है। जो संदेशखाली में हुआ वह भारत के किसी अन्य राज्य में नहीं हुआ होगा। बदमाशों के भीतर आज इतनी हिम्मत आ गई है और यह इसका उदाहरण है। यह घटना राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी और राज्य पुलिस बल के बीच के रिश्ते को दर्शाता है।'

भाजपा का पलटवार
कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी के बयान पर भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कहा, 'टीएमसी का मतलब तालिबानी मानसिकता और संस्कृति है और इसकी पुष्टि लोकसभा और पश्चिम बंगाल में कांग्रेस पार्टी के सबसे बड़े नेता अधीर रंजन चौधरी ने की है। उन्होंने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है। एक तरफ कांग्रेस टीएमसी के साथ गठबंधन करती है और दूसरी तरफ उनके सबसे बड़े नेता कहते हैं कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र खतरे में है। लेकिन कांग्रेस पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के पास कहने के लिए कुछ नहीं है। राहुल गांधी और सोनिया गांधी को बताना चाहिए कि वे अधीर रंजन चौधरी से सहमत हैं या नहीं। यह किस तरह का गठबंधन है?'
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मोदी जी ने कश्मीर को शांत कर दिया
भाजपा सांसद दिलीप घोष ने कहा कि कांग्रेस पहले कश्मीर-कश्मीर बोलती थी। पर कभी वहां कुछ कर नहीं पाई। मोदी जी ने कश्मीर को शांत कर दिया और उसे देश में विलय भी कर दिया। अब मणिपुर को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जबकि वो भी बहुत पुरानी समस्या है। सरकार गंभीर है। उन्होंने आगे कहा कि इन सबसे से ज्यादा हालत बंगाल की बदतर है। बंगाल में जनता ने वोट दिया है सरकार को, तो उसे सजा भी वही देगी। केंद्र सरकार सुझाव देने और कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए मदद की पेशकश करने का अपना काम कर रही है। 

घोष ने कहा, 'हम देख सकते हैं कि बंगाल और बांग्लादेश की सीमा पर स्थिति देश की सुरक्षा के लिए अच्छी नहीं है, हम यह कहते रहे हैं। आगे भी कहते रहेंगे।'

उन्होंने  टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय द्वारा निंदा किए जाने पर कहा, 'वह ऐसे बोल रही हैं जैसे ऐसा पहली बार हो रहा है। संदेशखली की घटना देश के लिए स्तब्ध करने वाली है। वहां असामाजिक तत्व राज करते हैं और वहां कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है, तो यह चिंता का विषय है। यह उनकी सरकार है। उन्हें कार्रवाई करनी चाहिए। उनके अपने नेता ऐसा कर रहे हैं।'

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