फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

Atiq Ahmed Murder: 'वो राज' तो दफन हो गए अतीक और अशरफ के साथ ही! बाकी थे कई बड़े-बड़े खुलासे होने

आशीष तिवारी
Updated Mon, 17 Apr 2023 02:22 PM IST

सार

Atiq Ahmed Murder: रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी ओपी मीणा कहते हैं कि जिस आधार पर पुलिस ने अतीक अहमद की रिमांड ली थी वह बहुत बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर रही थी। सबसे महत्वपूर्ण बात यही थी कि अतीक अहमद ने ड्रोन के माध्यम से पंजाब में पाकिस्तान के हथियारों की सप्लाई की बात कही थी...
विज्ञापन
विज्ञापन
Atiq Ahmad with his brother Ashraf Ahmad - फोटो : Agency (File Photo)



यह भी पढ़ें: Atiq Shot Dead: बड़ा करना चाहता था लवलेश, पिता बोले- पैसे न देने पर झगड़ता था, नशे की लत...

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का मानना है कि बहुत हद तक तो अतीक अहमद ने अपने नेटवर्क के बारे में पूछताछ के दौरान खुलासे किए थे। लेकिन अभी बहुत कुछ ऐसा बाकी था जो उसे बोलना था। रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी ओपी मीणा कहते हैं कि जिस आधार पर पुलिस ने अतीक अहमद की रिमांड ली थी वह बहुत बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर रही थी। सबसे महत्वपूर्ण बात यही थी कि अतीक अहमद ने ड्रोन के माध्यम से पंजाब में पाकिस्तान के हथियारों की सप्लाई की बात कही थी। वह कहते हैं कि ड्रोन के माध्यम से पाकिस्तान की ओर से हथियार गिराए जाने की कई घटनाएं पहले भी सामने आई है। पंजाब के कुछ गैंगस्टर और माफियाओं की संलिप्तता की बात सामने आई थी। मीना कहते हैं कि संभव है कि पंजाब के गैंगस्टर और अतीक अहमद के बीच आपसी गठजोड़ भी रही होगी। वह सवाल उठाते हैं कि आखिर गठजोड़ किस तरीके की था और किन लोगों से थी, इसकी पड़ताल की जानी बेहद जरूरी थी। हालांकि वह कहते हैं कि निश्चित तौर पर पुलिस ने अपनी पूछताछ में बहुत कुछ हासिल किया होगा। जिसको कि वह अपनी जांच में आगे लीड के तौर पर इस्तेमाल भी करेगी। लेकिन हथियारों को छुपाने का जखीरा और उसका ठिकाना पंजाब से लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में कहां पर था, यह राज अतीक अहमद के साथ ही दफन हो गया।

अतीक अहमद के गैंग की टूट रही थी कमर

अतीक मामले की जांच कर रही एजेंसी से जुड़े सूत्रों का कहना है जिस तरीके से अतीक की अकूत संपत्ति की बात सामने आई है, उसके स्रोत भी पता किए जाने बेहद जरूरी हैं। सूत्रों के मुताबिक अतीक अहमद की संपत्ति सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र में भी बड़ी मात्रा में है। शक तो यह भी जताया जा रहा है कि अतीक अहमद का अंतर्राष्ट्रीय डॉन दाऊद इब्राहिम से भी मजबूत नेटवर्क रहा है। अबू सलेम को लेकर उसके रिश्ते पहले से ही सुर्खियां बटोरते रहे हैं। रिटायर्ड पुलिस अधिकारी एपी सिंह कहते हैं कि अतीक अहमद की हत्या उस दौर में हुई है, जब वह बहुत बड़े खुलासे कर सकता था। इसलिए शक यह भी जताया जा रहा है कि उसकी हत्या के लिए सुपारी दी गई हो। क्योंकि इस बार पुलिस ने अतीक अहमद को इतनी मजबूती से अपने कब्जे में किया था कि वह कई बड़े राज खोल सकता था। जांच एजेंसियों से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जितनी पड़ताल अतीक अहमद से शुरुआती दौर में की जानी चाहिए थी, वह तो हो गई है। लेकिन उसके कुछ नेटवर्क और कनेक्शन रिमांड के दौरान खंगाले जाने थे। जो उसकी मौत के साथ ही दफन हो गए।

यह भी पढ़ें: Atiq Ashraf Murder: कौन है सुंदर भाटी? माफिया अतीक-अशरफ की हत्या में आया नाम; गैंगस्टर की पूरी क्राइम कुंडली

चर्चा इस बात की भी हो रही है कि अतीक अहमद अब अपने गैंग की कमान किसे देने वाला था। सूत्रों का कहना है कि बीते लंबे समय से अतीक अहमद के ऊपर पुलिस का शिकंजा इस तरह कस जा रहा था कि उसका नेटवर्क धीरे-धीरे कमजोर हो रहा था। उसके घर के सदस्यों से लेकर भरोसेमंद लोग या तो जेल में थे या फिर अंडर ग्राउंड हो गए थे। यही वजह थी कि अतीक अहमद का गैंग उत्तर प्रदेश में रंगदारी और अपहरण जैसी बड़ी वारदात करने में सफल नहीं हो पा रहा था, बल्कि उसकी कमर भी टूट रही थी। सूत्रों का कहना है कि यह बात अतीक अहमद और उसके गैंग को बहुत अखर रही थी। यही वजह थी कि अतीक अहमद ने पिछले छह सालों में अतीक ने खुद के नेटवर्क से अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त और उसको देश के अलग-अलग हिस्सों में ठिकाने लगाने का धंधा शुरू कर दिया था। रिटायर्ड पुलिस अधिकारी एपी सिंह कहते हैं कि इसमें अतीक की जड़े कितनी लंबी थीं, यह जानना पुलिस के लिए जरूरी था। इस धंधे में उसके साथ और कौन-कौन शामिल था, यह भी जानना बहुत आवश्यक था। लेकिन अतीक और अशरफ की मौत के साथ ही ऐसे कई राज दफन हो गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next