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गंभीरता का हाल : कोरोना पर चर्चा के लिए बजानी पड़ी कोरम की घंटी, सौ सदस्य भी नहीं थे सदन में मौजूद

Fri, 03 Dec 2021 06:43 AM IST
Jeet Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।

सार

शाम चार बजे सदन में करीब 70 सांसद और पांच बजे 65 सांसद ही मौजूद थे। दरअसल कोरोना पर चर्चा में भाग लेने वालों की सूची बेहद लंबी थी। सभी दलों के 62 लोगों का नाम सूचीबद्ध था।
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संसद (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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विस्तार
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जिस कोरोना की दूसरी लहर ने देश में मौत का तांडव मचाया, उस पर चर्चा के दौरान लोकसभा में गंभीरता की बेहद कमी दिखी। इस दौरान 543 सदस्यों की लोकसभा में सौ से कम सांसद उपस्थित थे। भोजनावकाश के बाद कोरम का संकट उत्पन्न हो गया। चर्चा जारी रखने के लिए कोरम की घंटी बजानी पड़ी।

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प्रश्नकाल के बाद महामारी पर चर्चा शुरू होने पर दो सौ से ज्यादा सांसद मौजूद थे। उसके बाद जैसे-जैसे चर्चा आगे बढ़ी, सदस्यों की संख्या घटती चली गई। दोपहर 2:20 बजे सदन में महज 40-45 सांसद मौजूद थे। इसके बाद कोरम की घंटी बजाई गई और कार्यवाही तीन मिनट की देरी से शुरू हुई।

शाम चार बजे सदन में करीब 70 सांसद और पांच बजे 65 सांसद ही मौजूद थे। दरअसल कोरोना पर चर्चा में भाग लेने वालों की सूची बेहद लंबी थी। सभी दलों के 62 लोगों का नाम सूचीबद्ध था। इसके बावजूद सदस्यों की कमी का मामला दो बार उठा। पहले कांग्रेस के गौरव गोगोई ने और फिर शाम छह बजे अधीर रंजन चौधरी ने कोरम का मामला उठाया। 
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सत्ता पक्ष रहा हमलावर
भाजपा के रतन लाल कटारिया ने विपक्ष पर टीके पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को मोदी फोबिया है। टीके को पहले भाजपा का टीका प्रचारित किया, बाद में उसी टीके को पाने की होड़ करने लगे। सरकार को बदनाम करने के लिए विपक्ष शासित राज्यों ने विदेशों से टीके लेने की कोशिश की।

विपक्ष ने किया पलटवार
कटारिया पर कांग्रेस के गौरव गोगोई ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि महामारी से निपटने में विफल सरकार व्यक्ति विशेष की छवि चमकाने में जुटी रही। राहुल गांधी ने दूसरी लहर की चेतावनी दी थी। बीते साल अगस्त महीने में ही टीके पर पूरी ताकत लगाने की सलाह दी थी, मगर उनका मजाक उड़ाया गया।

ओमिक्रॉन के बीच अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की बहाली में जल्दबाजी क्यों : संसदीय समिति
कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमिक्रॉन के देश में पाए जाने के बाद स्वास्थ्य पर संसदीय स्थायी समिति ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की बहाली को लेकर चिंता जताई है। केंद्र सरकार ने 15 दिसंबर से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के फिर से शुरू करने का एलान किया है।

समिति के एक सदस्य ने कहा कि संसदीय समिति ने बुधवार को हुई बैठक में स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों से इस संदर्भ में सवाल पूछे।

उसने पूछा गया कि आखिर हम अंतरराष्ट्रीय नियमित उड़ानों की बहाली को इतनी जल्दबाजी में क्यों हैं जबकि दुनियाभर में कोविड-19 का नया स्वरूप फैल रहा है। उन्होंने कहा कि समिति के सदस्यों ने अधिकारियों से कोविड-19 के नए स्वरूप के खतरे को तैयारियों और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर भी कई सवाल किए।

संसद में प्रवेश पर रोक लगाने का पत्रकारों ने किया विरोध
मीडियाकर्मियों ने संसद में पत्रकारों और कैमरामैन के प्रवेश पर रोक लगाने का विरोध किया है। उनका कहना है कि अभी कुछ प्रतिबंध लगा है। आने वाले दिनों में पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। उन्होंने मांग की कि संसद में पत्रकारों के प्रवेश पर रोक को तुरंत हटाया जाए और मीडियाकर्मियों को कार्य करने दिया जाए।

प्रदर्शन में विभिन्न मीडिया संस्थानों के वरिष्ठ पत्रकार और कैमरामैन ने हिस्सा लिया। उल्लेखनीय है कि कोरोना को देखते हुए सत्र के दौरान समाचारपत्रों और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थान से एक-एक पत्रकारों को ही जाने की अनुमति है।

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