उच्च न्यायालय मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने कहा कि वह इस मामले की सुनवाई पहले से तय तारीख यानी अगले साल 28 फरवरी को करेगी। पीठ ने कहा कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए हमें आवेदन पर विचार करने का कोई कारण नजर नहीं आता।
उच्च न्यायालय ने लोकसभा के उपाध्यक्ष के पद का चुनाव नहीं कराने में संवैधानिक पदाधिकारियों पर निष्क्रियता का आरोप लगाने वाली जनहित याचिका पर जल्द सुनवाई करने से इनकार कर दिया।
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याची ने कहा दो साल से अधिक समय से खाली है पद, चुनाव में देरी उचित नहीं
उच्च न्यायालय मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने कहा कि वह इस मामले की सुनवाई पहले से तय तारीख यानी अगले साल 28 फरवरी को करेगी। पीठ ने कहा कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए हमें आवेदन पर विचार करने का कोई कारण नजर नहीं आता।
याचिकाकर्ता पवन रेले ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 93 के उल्लंघन में उपाध्यक्ष का पद दो साल से अधिक समय से खाली है और अदालत से सुनवाई तय तारीख से पहले करने का आग्रह किया है। याचिका में लोकसभा अध्यक्ष को पद के लिए चुनाव कराने के लिए जल्द से जल्द तारीख तय करने का निर्देश देने की भी मांग की गई है।
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याची ने कहा 830 दिन हो गए हैं लेकिन डिप्टी स्पीकर का चुनाव नहीं हुआ है। यह बहुत गंभीर मुद्दा है। याची ने कहा अनुच्छेद 93 के तहत जितनी जल्दी हो सके अभिव्यक्ति, कल्पना के किसी भी हिस्से में उत्तरदाताओं द्वारा दो साल या उससे अधिक की पर्याप्त अवधि तक नहीं बढ़ाई जा सकती।