रोप लगाया गया है कि एक पुलिस अधिकारी ने मृतक के परिवार के सदस्यों पर लिखित शिकायत दर्ज नहीं करने का दबाव भी डाला था। शुक्रवार को ढेकियाझुली के दौरे पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मृतक के परिजनों से बातचीत की और पुलिस पर लगे आरोपों के बारे में जानकारी ली।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने एक किशोरी की अप्राकृतिक मौत के एक मामले में ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप लगने के बाद पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित दरांग जिले के तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही उन्होंने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन का भी आदेश दिया है।
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जानकारी के मुताबिक, जून में दरांग के ढेकियाजुली इलाके में कृष्णा कमल बरुआ नाम के एक व्यक्ति के घर में बच्ची फंदे से लटकी मिली थी। वह बरुआ के घर में नौकरानी का काम कर रही थी। यह आरोप लगाया गया है कि पुलिस ने घटना के फोटोग्राफिक और वीडियोग्राफिक साक्ष्य एकत्र करने में कर्तव्य की अत्यधिक लापरवाही दिखाई।
यह भी आरोप लगाया गया है कि एक पुलिस अधिकारी ने मृतक के परिवार के सदस्यों पर लिखित शिकायत दर्ज नहीं करने का दबाव भी डाला था। शुक्रवार को ढेकियाझुली के दौरे पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मृतक के परिजनों से बातचीत की और पुलिस पर लगे आरोपों के बारे में जानकारी ली।
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इसके बाद सरमा ने दारांग के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजमोहन रे, एडिशनल एसपी रूपम फुकन और धूला थाना प्रभारी को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में तत्काल निलंबित करने का आदेश दिया है। उन्होंने पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंत से घटना की गहन जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने को भी कहा है। एसआईटी के तीन सदस्यों में से दो महिलाएं होंगी। सरमा ने मृतक के परिजनों को सरकार से मकान बनवाने का आश्वासन दिया है और उन्हें राज्य सरकार की प्रमुख योजना ओरुनोदोई देने का भी आश्वासन दिया है।