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Assam: 'भारत की सजीव लोकतंत्र की छवि खराब होने से बचाना होगा', बोले उपराष्ट्रपति धनखड़

Wed, 03 May 2023 02:06 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

धनखड़ ने छात्रों, मीडिया और वहां मौजूद सभी को देश के राजदूत की तरह काम करने की अपील की। साथ ही उन्होंने राष्ट्रवाद में विश्वास रखने और इस कहानी को यहीं खत्म करने के लिए कहा।
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Jagdeep Dhankhar - फोटो : Social Media
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विस्तार
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डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के 21वां दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने बुधवार को कहा कि भारत एक जीवंत लोकतंत्र देश है और इसक छवि को धूमिल या कलंकित करने का हक किसी का नहीं है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश के बाहर विभिन्न आरोपों के माध्यम से देश की छवि को खराब करते हैं। देश में लोगों को उनके अधिकार नहीं मिलते हैं जैसी झूठी अफवाहें फैलाते हैं। 
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धनखड़ ने बिना नाम लिए राहुल गांधी पर साधा निशाना

बता दें कि कुछ दिन पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी लंदन में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि संसद में भाजपा अन्य नेताओं के माइक बंद कर देती है। उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जाता है। इसके अलावा आरएसएस पर भी निशाना साधते हुए कहा था कि देश में इस संगठन की वजह से लोकतांत्रिक प्रक्रिया की प्रकृति पूरी तरह से बदल गई है। उन्होंने यह बी आरोप लगाया था कि नोटबंदी, जीएसटी और चीन का भारत में घुसने का प्रयास करना जैसे गंभीर मुद्दों पर हमें बात करने की अनुमति नहीं दी जाती है। 

बिना किसी के नाम लिए धनखड़ ने कहा- "जब स कुछ सही चल रहा है, तो हमारे लोकतंत्र की निंदा क्यों? देश के बाहर और अंदर भी यह बात करते हैं कि हमारे पास लोकतांत्रिक मूल्य नहीं हैं। मैं बिना डरे भरोसे के साथ कह सकता हूं कि आज की तारीख में भारत दुनिया का सबसे जीवंत कार्यात्मक लोकतांत्रिक देश है।"
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देश के राजदूत की तरह काम करें: धनखड़

धनखड़ ने छात्रों, मीडिया और वहां मौजूद सभी को देश के राजदूत की तरह काम करने की अपील की। साथ ही उन्होंने राष्ट्रवाद में विश्वास रखने और इस कहानी को यहीं खत्म करने के लिए कहा।  उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी कहानी है जिसका कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है और हम उन लोगों का बिलकुल भी समर्थन नहीं करते हैं जो देश की छवि को कलंकित करता हो। 
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उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि देश का संसद बातचीत, चर्चा और बहस का स्थान है, न कि व्यवधान और अशांति का।
 

 
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