असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने की बात कही। उन्होंने कहा कि हम संसद में बहुविवाह पर प्रतिबंध लगाने के लिए विधेयक पेश करेंगे। लेकिन किसी कारणवस हम ऐसा नहीं कर पाए तो जनवरी विधानसभा सत्र में एस विधेयक को पेश किया जाएगा। असम के सीएम का मानना है कि बहुविवाह को जल्द से जल्द प्रतिबंध लगाना चाहिए।
समान नागरिक संहिता पर सवाल पूछे जाने पर असम सीएम ने कहा कि समान नागरिक संहिता (यूसीसी) एक ऐसा मुद्दा है, जहां संसद निर्णय करेगी। राज्य को भी राष्ट्रपति की सहमति से निर्णय लेना चाहिए। इस मामले को न्यायिक और संसद समिति देख रही है। उन्होंने कहा कि वह सभी समान नागरिक संहिता के समर्थन में है। हम यूसीसी के जरिए बहुविवाह को उखाड़ फेंकना चाहते हैं, इसलिए जल्द से जल्द इसपर प्रतिबंध लगाने के लिए विधानसभा में विधेयक पेश किया जाएगा।
यूसीसी पर कांग्रेस के विरोध के संबंध में सीएम ने कहा कि क्या कोई कांग्रेस नेता जिसकी बेटी है, वह अपनी बेटी की शादी दो पत्नियों वाले किसी व्यक्ति से करेंगे। उन्होंने कहा, समस्या यह है कि कांग्रेस नेता मुस्लिम महिलाओं की पीड़ा नहीं समझते। वे वोट ले लेते हैं, लेकिन वापस कुछ नहीं देना चाहते।
विधि आयोग ने 50 लाख प्रतिक्रियाएं प्राप्त कीं
समान नागरिक संहिता पर विचार भेजने की समय सीमा (14 जुलाई) खत्म होने के एक दिन पहले तक आयोग को करीब 50 लाख प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुई हैं। कुछ संगठनों ने यूसीसी से व्यक्तिगत सुनवाई की भी मांग की है।