9 मई, 2014 को स्त्री रोग विभाग की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में एएमसीएच की स्नातकोत्तर मेडिकल छात्रा डॉ. सरिता तोषनीवाल (24) की निर्मम हत्या कर दी गई थी।
डिब्रूगढ़ जिला एवं सत्र न्यायाधीश अदालत ने बुधवार को मेडिकल छात्रा डॉ. सरिता तोषनीवाल की नृशंस हत्या के आरोप में असम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एएमसीएच) के वार्ड बॉय किरो मेस को दोषी ठहराया। कोर्ट ने जूनियर डॉ. दीपमोनी सैकिया को बरी कर दिया है। किरो मेस को आईपीसी की धारा 302 के तहत दोषी ठहराया गया है। सजा कल सुनाई जाएगी।
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उल्लेखनीय है कि 9 मई, 2014 को स्त्री रोग विभाग की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में एएमसीएच की स्नातकोत्तर मेडिकल छात्रा डॉ. सरिता तोषनीवाल (24) की निर्मम हत्या कर दी गई थी। मृतक डॉक्टर के फोन रिकॉर्ड खंगालने के बाद पुलिस ने जूनियर डॉक्टर दीपमोनी सैकिया को गिरफ्तार कर किया था। पुलिस ने 10 मई 2014 को किरो मेस को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में उसने अपना अपराध कबूल कर लिया था।
दूसरी ओर, नगांव जिले के एक लोअर प्राइमरी स्कूल में बुधवार को मिड-डे मिल खाने से करीब दौ सौ बच्चों के बीमार पड़ गए। बच्चों को दो अलग-अलग अस्पतालों में बच्चों को दाखिल कराया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही बच्चों के अभिभावक स्कूल पहुंच गए और बच्चों को संभाला। बाद में अभिभावकों ने स्कूल के बाहर प्रदर्शन किया।
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जानकारी के मुतबाकि, यह घटना असम के नगांव जिले के कामपुर शहर के राजगांव साउथ जोरबागान एलपी स्कूल में हुई। मिड-डे मिल खाने के बाद बच्चों ने पेट दर्द की शिकायत की। बच्चे काफी परेशान हो रहे थे। जानकारी मिलते ही बच्चों को तुरंत सिंगिमारी अस्पताल ले जाया गया। कुछ गंभीर रूप से परेशान विद्यार्थियों को कसुवा मॉडल अस्पताल ले जाया गया है। बताया जा रहा है कि किसी गलती से खाने में फिनाइल मिला दिया है। इस कारण बच्चों के पेट में दर्द और उल्टियां होने लगी।