मुख्यमंत्री की अध्यक्षता मे हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद आवासन व शहरी कार्य मंत्री अशोक सिंघल ने कहा कि राज्य सरकार आपातकाल के दौरान जेल भेज गये लोगों को लोकतंत्र सेनानी मानती है।
असम सरकार ने आपातकाल के दौरान जेल भेजे गए लोगों को पेंशन देने का फैसला किया है। इसका फायदा 300 से अधिक लोगों को होगा। इन लोगों को 15,000 रुपये की मासिक दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा कैबिनेट ने बुधवार को पेंशन देने की फैसले का एलान किया। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता मे हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद आवासन व शहरी कार्य मंत्री अशोक सिंघल ने कहा कि राज्य सरकार आपातकाल के दौरान जेल भेज गये लोगों को लोकतंत्र सेनानी मानती है।
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राज्य मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र के प्रति उनके योगदान को लेकर असम मंत्रिमंडल ने 301 लोगों को मासिक पेंशन देने की आज मंजूरी दी। इन लोगों को 15,000 रुपये की मासिक पेंशन मिलेगी। इनमें जिन व्यक्तियों का निधन हो गया है, उनकी पत्नी को यह राशि मिलेगी। यदि दोनों का निधन हो चुका है तो उनकी अविवाहित बेटी को यह रकम दी जाएगी।
इससे पहले असम मंत्रिमंडल ने राज्य सरकार के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 38 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत करने को मंजूरी दी थी। स्वास्थ्य मंत्री केशब महंत ने बताया था कि राज्य में अखिल भारतीय सेवा (एआईएस) के अधिकारियों, पेंशनरों, राज्य सरकार के कर्मचारियों, पारिवारिक पेंशनरों और असाधारण पेंशन धारकों के महंगाई भत्ते में 1 जनवरी से 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाएगी।