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Assam: ओएनजीसी के कच्चे तेल के कुएं से गैस का रिसाव चौथे दिन भी जारी, 70 परिवारों को किया गया स्थानांतरित

Sun, 15 Jun 2025 03:11 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवसागर

सार

ओएनजीसी के रुद्रसागर तेल क्षेत्र स्थित रिग नंबर एसकेपी 135 के कुएं आरडीएस 147 में गुरुवार को  सर्विसिंग के दौरान कुएं से गैस रिसाव दिखा था। इसके बाद विस्फोट हुआ था। इसके बाद गैस का रिसाव तेज हुआ तो प्रशासन ने राहत कार्य शुरू किया। 
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ONCG, ओएनजीसी - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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असम के शिवसागर जिले में ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) के कच्चे तेल के कुएं से गैस का रिसाव चौथे दिन भी जारी रहा। गैस रिसाव के हानिकारक प्रभावों को देखते हुए 70 परिवारों को स्थानांतरित कर दिया गया है। ओएनजीसी के तकनीक और क्षेत्रीय सेवा निदेशक विक्रम सक्सेना के नेतृत्व में एक टीम ने कुआं संख्या आरडीएस 147 का परिचालन नियंत्रण में ले लिया है। 
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ओएनजीसी के रुद्रसागर तेल क्षेत्र स्थित रिग नंबर एसकेपी 135 के कुएं आरडीएस 147 में गुरुवार को  सर्विसिंग के दौरान कुएं से गैस रिसाव दिखा था। इसके बाद विस्फोट हुआ था। कुएं का संचालन ओएनजीसी की तरफ से एक निजी कंपनी एसके पेट्रो सर्विसेज कर रही थी। ओएनजीसी के अधिकारी ने बताया कि कुएं को नष्ट करने की प्रक्रिया जारी है। हमने सभी आवश्यक उपकरण जुटा लिए हैं। संकट प्रबंधन दल (सीएमटी) रिसाव को नियंत्रित करने के लिए काम कर रहा है।

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उन्होंने बताया कि कुएं में अभी तक आग नहीं लगी है और इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने बताया कि इस घटना से करीब 1,500 लोग प्रभावित हुए हैं। लोगों को गैस की गंध आ रही है और वे अपना चूल्हा नहीं जला पा रहे हैं। हम उन्हें पका हुआ भोजन उपलब्ध करा रहे हैं और स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं।

जिला प्रशासन ने फेसबुक पोस्ट में कहा कि विस्फोट वाले क्षेत्र से 70 परिवारों को निकटवर्ती बनगांव में स्थापित राहत शिविर में स्थानांतरित कर दिया गया है तथा उनके लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग के डॉक्टर घटनास्थल पर मौजूद हैं। वे लोगों और उनके पालतू पशुओं की स्वास्थ्य स्थिति की जांच कर रहे हैं।
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ओएनजीसी के एक अधिकारी ने पहले कहा था कि यह एक पुराना कच्चा तेल कुआं था जिसमें उत्पादन नहीं हो रहा था। विस्फोट के समय क्षेत्र परिवर्तन के लिए छिद्रण का काम चल रहा था। इसके बाद नए क्षेत्र से उत्पादन शुरू होना था। छिद्रण के तुरंत बाद अचानक अनियंत्रित तरीके से गैस निकलने लगी, जिससे विस्फोट हुआ। 

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