जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ ही यूनीसेफ, ऑक्सफैम जैसे संगठनों ने सिलचर व उसके आसपास के क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों तक पेयजल पहुंचाने के लिए नौका पर लगी जलशोधन इकाइयां शुरू की हैं।
असम में अधिकतर नदियों में जलस्तर घटने से बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है, लेकिन अभी भी 22 लाख से अधिक लोग इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हैं। कछार जिले के मुख्यालय सिलचर में स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। कई इलाके पानी में डूबे हुए हैं।
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असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के मुताबिक रविवार को 28 जिलों में 22.21 लाख लोग प्रभावित थे, जबकि उसके एक दिन पूर्व यह संख्या 25.10 लाख थी। कोपिली, बराक और कुशियारा नदियां अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। एक सप्ताह से अधिक समय से पानी में डूबे सिलचर के उन क्षेत्रों में राहत पहुंचाने की कोशिश चल रही है, जहां प्रशासन अब तक नहीं पहुंच पाया है। वायुसेना के हेलिकॉप्टर से खाने-पीने की चीजें और अन्य जरूरी सामग्री गिराई जा रही है।
कछार की उपायुक्त कीर्ति जल्ली ने बताया कि मानवरहित यान (यूएवी) से निगरानी की जा रही है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के साथ ही यूनीसेफ, ऑक्सफैम जैसे संगठनों ने सिलचर व उसके आसपास के क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों तक पेयजल पहुंचाने के लिए नौका पर लगी जलशोधन इकाइयां शुरू की हैं। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने रविवार को दो बार सिलचर का दौरा किया और राहत, बचाव अभियान की समीक्षा की।