असम में बाढ़ से हाहाकार
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डेढ़ लाख से अधिक लोग राहत शिविरों में
बाढ़ प्रभावित जिलों में प्रशासन ने 514 राहत शिविर और 302 राहत वितरण केंद्र स्थापित किए हैं। राहत शिविरों में 1,56,365 लोग शरण लिए हुए हैं। इसके अलावा भी लोगों ने सड़कों, तटबंधों और ऊंचे स्थानों पर शरण ले रखी है। एएसडीएमए की रिपोर्ट के मुताबिक 118 राजस्व चक्रों के तहत 4,291 गांव जलमग्न हैं। वहीं, 66,455.82 हेक्टेयर कृ षि भूमि जल में समा चुकी है। 25.54 लाख से अधिक जानवर इससे प्रभावित हुए हैं।
अब तक 9,102 लोगों को बचाया
सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीएफआर), अग्नि एवं आपात सेवा और प्रशासन ने 22 जिलों से अब तक 9,102 लोगों को बचाया है, जिनमें बच्चे और महिलाएं भी थीं। वहीं बुलेटिन के अनुसार अब तक 20,983 लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है।
असम में बाढ़ से हाहाकार
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त्रिपुरा में बाढ़ के हालत में मामूली सुधार, एक बहा
त्रिपुरा में रविवार को बारिश नहीं हुई और बाढ़ के हालात में मामूली सुधार दर्ज किया गया। हालांकि काटाखाल में तेज बहाव में व्यक्ति के बह जाने की सूचना है। फिलहाल हावड़ा नदी का जल स्तर खतरे के निशान से नीचे आ गया है। लापता व्यक्ति की पहचान मायलाखोला के सिराज मियां के तौर पर हुई है। एसडीएमए अधिकारियों के मुताबिक शुक्रवार से शुरू हुई बारिश की वजह से आई बाढ़ में तीन जिलों के 12,000 लोग विस्थापित हो गए। प्रभावितों के लिए 45 राहत शिविर तैयार किए गए हैं।
असम सरकार ड्रोन सर्वे के लिए आईआईटी, गुवाहाटी की लेगी मदद
असम सरकार बाढ़ से राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने व उसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, गुवाहाटी से मदद लेगी। आईआईटी, गुवाहाटी की टीम ड्रोन सर्वे के जरिये अभियान में मदद करेगी। संस्थान के डीन परमेश्वर अय्यर ने कहा, सरकार ने हमसे संपर्क किया है और हम जल्द ही इस दिशा में काम शुरू करेंगे। आईआईटी, गुवाहाटी की ओर से ड्रोन स्टार्ट अप के तौर पर तैयार किया गया था।