असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। पिछले 24 घंटों में बाढ़ के कारण सात लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 24 जिलों में अभी भी 12 लाख लोग इससे प्रभावित हैं। शुक्रवार को जारी आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार प्रभावित लोगों की संख्या में मामूली सी कमी आई है। वहीं राज्य के विभिन्न हिस्सों में ब्रह्मपुत्र और तीन अन्य प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के बहुत ऊपर है। मुख्यमंत्री बिस्वा ने कहा कि अधिकांश हिस्सों में पानी घटने के साथ समग्र स्थिति में सुधार हो रहा है।
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार शुक्रवार को 24 जिलों के 75 राजस्व सर्किलों और 2,406 गांवों में 12,33,236 लोग बाढ़ की चपेट में हैं। प्रभावित जिलों में कछार, बारपेटा, कामरूप, नागांव, धुबरी, दरांग, विश्वनाथ, गोलाघाट, गोलपारा, हैलाकांडी, शिवसागर, डिब्रूगढ़, मोरीगांव, तिनसुकिया, नलबाड़ी, धेमाजी, दक्षिण सलमारा, लखीमपुर, करीमगंज, बोंगाईगांव, जोरहाट, कामरूप मेट्रोपॉलिटन, माजुली और चिरांग शामिल हैं। धुबरी में सबसे ज्यादा 3,18,326 लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं कछार में 1,48,609 और गोलाघाट में 95,277 लोग प्रभावित है। साथ ही 186 राहत शिविरों में 39,203 लोग शरण लिए हुए हैं, जबकि 130 अन्य राहत वितरण केंद्रों में 2,56,448 लोग रह रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार 32,924.32 हेक्टेयर फसल क्षेत्र जलमग्न है और 6,67,175 जानवर प्रभावित हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में कुल 112 चिकित्सा दल भी तैनात किए गए हैं।
आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को 26 जिलों में बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या 13,99,948 थी। वहीं अब गोलपारा में पांच लोगों की मौत की सूचना मिली है। मरने वाले पांचों लोग एक ही परिवार के थे। बता दें कि पिछले 24 घंटों में नागांव और जोरहाट में एक-एक व्यक्ति की मौत की जानकारी मिली है। वहीं इस साल बाढ़, तूफान और बिजली गिरने से मरने वालों की संख्या 106 हो चुकी है। वहीं मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा गोआलपाड़ा में मृतकों के परिवार से मिलने पहुंचे। इसके बाद उन्होंने कहा कि "बाढ़ की स्थिति में सुधार हो रहा है और जलस्तर लगातार घट रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक तीसरी लहर नहीं आती, तब तक स्थिति और बेहतर होगी।"