असम विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा और उसके सहयोगी दलों के बीच सीटों का बंटवारा 15 फरवरी तक तय होने की संभावना है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने कहा एनडीए और अन्य सहयोगी दलों के साथ बातचीत सकारात्मक दिशा में है।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को जानकारी दी कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की है। इस मुलाकात का उद्देश्य राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के लिए एनडीए के सहयोगियों के साथ सीटों के तालमेल पर चर्चा करना था। मीडिया से बातचीत में सरमा ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 15 फरवरी तक असम गण परिषद (अगप) और अन्य सहयोगी दलों के साथ सीटों के बंटवारे की व्यवस्था को अंतिम रूप दे सकती है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कहा था कि मौजूदा सहयोगियों के साथ गठबंधन को अंतिम रूप देने का कार्य 15 जनवरी तक पूरा होने की उम्मीद है।
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क्या बोले असम के मुख्यमंत्री?
मुख्यमंत्री ने कहा, "हमारी सीटों का बंटवारा और गठबंधन से जुड़े अन्य विवरण 15 फरवरी तक तय हो जाएंगे। कल रात मैंने केंद्रीय गृह मंत्री से मिलकर इस पर विचार-विमर्श किया। बैठक के दौरान बीपीएफ प्रमुख हाग्रामा मोहिलारी भी मेरे साथ थे।" उन्होंने आगे बताया कि इस बैठक से पहले यूपीपीएल अध्यक्ष प्रमोद बोरो ने भी शाह से मुलाकाल की थी। मुख्यमंत्री मंगलवार को दिल्ली गए थे और बुधवार सुबह वापस लौटे।
सीट बंटवारे पर हो रही सकारात्मक बात
अगप के साथ चर्चा पर सरमा ने कहा, "कल मैंने अगप अध्यक्ष अतुल बोरा के साथ लंबी चर्चाएं की। हमारी बातचीत जारी है। हम आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण तरीके से सीटों के बंटवारे पर निर्णय लेंगे और इसमें कोई समस्या नहीं होगी।" हालांकि, उन्होंने समझौतों को अंतिम रूप देने में हो रही एक महीने की देरी का कोई कारण स्पष्ट नहीं किया। सरमा ने यह भी कहा कि हर चुनाव में नए चेहरों को हमेशा लाभ मिलता है और इस बार भी ऐसा ही होगा।
वर्तमान में भाजपा का अगप, यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) और बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट (बीपीएफ) के साथ गठबंधन है। इसके अलावा, राभा हासोंग जत्था संग्राम समिति और जनशक्ति पार्टी भी असम में एनडीए के घटक हैं।
क्या है मौजूदा समीकरण?
बता दें कि 126 सदस्यों वाली विधानसभा में अभी भाजपा के पास 64 सीटें हैं, जबकि सहयोगी अगप के पास नौ, यूपीपीएल के पास सात और बीपीएफ के पास तीन विधायक हैं। वहीं विपक्ष कांग्रेस के पास 26 सीटें, एआईयूडीएफ के पास 15, सीपीआई(एम) के पास एक और एक निर्दलीय विधायक है। अगस्त में राजग प्रमुख अतुल बोरा समेत कई एनडीए नेताओं ने 100 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा था, जिसके बाद सरमा ने दावा किया था कि सत्ताधारी गठबंधन के पास 103 सीटों पर जीत की प्रबल संभावना है।