असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा
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असम में होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए प्रचार के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री व भाजपा नेता हिमंत बिस्व सरमा ने चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया। इस मामले में चुनाव आयोग ने उन्हें चेतावनी देकर माफ कर दिया। आयोग ने आदेश जारी कर कहा, 'उन्हें भविष्य में और अधिक सावधान रहने, संयम बरतने और सार्वजनिक बयानबाजी करते समय आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने की दरकार है।'
आयोग ने सरमा को राज्य में विधानसभा उपचुनाव प्रचार के दौरान सड़क एवं अन्य विकास परियोजनाओं का वादा करके आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने को लेकर सोमवार को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। आयोग को दो शिकायतें मिली थीं कि सरमा ने असम के मुख्यमंत्री और भाजपा के स्टार प्रचारक के तौर पर भवानीपुर, थोवरा और मारियानी विधानसभा सीटों के लिए प्रचार के दौरान मेडिकल कॉलेज, पुल, सड़कें, उच्च विद्यालय, स्टेडियम और खेल परिसर बनवाने की घोषणाएं कीं। उन्होंने चाय बागान मजदूरों के स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय सहयोग देने की भी घोषणा की।
सरमा ने अपने उत्तर में इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि उन्होंने जो घोषणाएं की थीं, वे या तो जारी परियोजनाओं से संबंधित थीं या राज्य सरकार विधानसभा में 2020-20 और 2021-22 के बजट भाषणों में इनकी घोषणा पहले ही कर चुकी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कोई नई घोषणा नहीं की थी। आयोग ने आदर्श आचार संहिता के किसी भी प्रावधान का अनजाने में उल्लंघन होने पर बिना शर्त माफी मांगने संबंधी सरमा के अभिवेदन पर भी गौर किया। राज्य में 30 अक्तूबर को उपचुनाव होंगे और वोटों की गिनती दो नवंबर को होगी।