एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव मैदान में सबसे रईस प्रत्याशी यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी, लिबरल (यूपीपीएल) के कोकराझार पश्चिम (अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित) मनरंजन ब्रह्मा हैं, जिन्होंने अपनी कुल संपत्ति 268 करोड़ रुपये घोषित की है। दूसरे नंबर पर उधरबंद से निर्दलीय उम्मीदवार राहुल रॉय हैं, जिन्होंने 136 करोड़ रुपये की संपत्ति घोषित की है। वहीं, तीसरे स्थान पर एआईयूडीएफ के जमुनामुख से प्रत्याशी सिराजुद्दीन अजमल हैं, हलफनामे के मुताबिक जिनकी संपत्ति 111 करोड़ रुपये है। तीनों सबसे रईस प्रत्याशियों ने अपनी आय का स्रोत कारोबार बताया, जबकि ब्रह्मा की पत्नी ने कृषि से आय होने की जानकारी दी।
बता दें कि राहुल रॉय पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता गौतम रॉय के बेटे हैं, जो भाजपा के टिकट पर कटीगोरा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, राहुल रॉय और उनकी पत्नी दायसी रॉय बतौर निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। दायसी अलगापुर से चुनाव लड़ रही हैं और दंपत्ति की कुल संपत्ति 131 करोड़ रुपये है। पूर्व विधायक एवं सांसद अजमल एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के छोटे भाई हैं। एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक, कांग्रेस में सबसे अधिक 64 करोड़पति उम्मीदवार हैं। इसके बाद भाजपा में 60 प्रत्याशी ऐसे हैं, जिन्होंने चुनावी हलफनामे में एक करोड़ रुपये से अधिक संपत्ति बताई है। वहीं, नवगठित असम जातीय परिषद में 31, असम गण परिषद में 22, एआईयूडीएफ में 11, बीपीएफ में आठ और यूपीपीएल में एक प्रत्याशी करोड़पति है। बाकी करोड़पति निर्दलीय उम्मीदवार हैं।
जानकारी के मुताबिक, असम में 72 ऐसे प्रत्याशी हैं, जिनकी आय पांच करोड़ रुपये या इससे अधिक है। वहीं, 91 प्रत्याशियों की आय दो करोड़ रुपये या इससे अधिक है। इसके अलावा 197 प्रत्याशी ऐसे हैं, जिनकी आय 50 लाख रुपये से दो करोड़ रुपये के बीच है। मौजूदा भाजपा-एजेपी-बीपीएफ सरकार में सबसे अमीर मंत्रियों की सूची में नाबा कुमार डोले का नाम है, जिन्होंने 25 करोड़ रुपये की संपत्ति होने की जानकारी दी है। इसके बाद हेमंत बिस्वा सरमा और चंदन ब्रह्मा हैं, जिनकी संपत्ति क्रमश: 17 करोड़ और 16 करोड़ रुपये है। एडीआर के मुताबिक, अन्य करोड़पति मंत्रियों में सिद्धार्थ भट्टाचार्य (आठ करोड़ रुपये), पिजुश हजारिका (छह करोड़), रिहोन दायमारी और सुम रोनघांग (पांच-पांच करोड़) शामिल हैं।
मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल और उनके मंत्रिमंडल में शामिल चंद्रमोहन पटवारी, प्रमिला रानी ब्रह्मा और कशाब महंत ने तीन-तीन करोड़ रुपये की संपत्ति होने की जानकारी दी है। निवर्तमान विधानसभा अध्यक्ष हितेंद्र नाथ गोस्वामी ने अपनी संपत्ति एक करोड़ रुपये बताई है, जबकि उनके डिप्टी अमिनुल हक लश्कर ने अपनी संपत्ति छह करोड़ रुपये घोषित की है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रंजीत कुमार दास ने पांच करोड़ रुपये की संपत्ति होने की जानकारी दी है, जबकि राज्यसभा सदस्य एवं पनेरी से भाजपा प्रत्याशी विश्वजीत दायमारी ने तीन करोड़ रुपये की संपत्ति होने की जानकारी दी।
कांग्रेस प्रत्याशियों में बरहमपुर से उम्मीदवार सुरेश बोरा ने सबसे अधिक 37 करोड़ रुपये की संपत्ति होने की जानकारी दी। दूसरे स्थान पर जलुकाबाड़ी से रोमेन चंद्र बरठाकुर हैं, जिनकी संपत्ति 31 करोड़ रुपये है। कांग्रेस के अन्य अमीर प्रत्याशियों में करीमगंज दक्षिण से प्रत्याशी एवं पूर्व मंत्री सिद्दीक अहमद (26 करोड़), नाओबोछिया से भरत नराह (21 करोड़) और वाजेद अली चौधरी (11 करोड़ रुपये) हैं।
दायसी रॉय के बाद सबसे अमीर महिला प्रत्याशी दिलवरा बेगम चौधरी हैं, जो जमुनामुख सीट से बतौर निर्दलीय लड़ रही हैं और उनकी संपत्ति 15 करोड़ रुपये है। अन्य अमीर महिला प्रत्याशियों में एआईयूडीएफ की मीनाक्षी रहमान (10 करोड़ रुपये), कांग्रेस की असीमा बारडोलोई (सात करोड़), गायिका एवं अगप प्रत्याशी कल्पना बारडोलोई (पांच करोड़) है। पहले चरण में 101 ऐसे प्रत्याशी थे, जिन्होंने अपनी आय एक करोड़ रुपये से अधिक बताई थी, जबकि दूसरे एवं तीसरे चरण में ऐसे प्रत्याशियों की संख्या क्रमश: 73 और 90 है। वोटर इंटरनेशनल पार्टी के प्रत्याशी सबेंद्र बासुमतारी की संपत्ति सबसे कम है। उन्होंने अपने हलफनामे में महज 2,500 रुपये की संपत्ति होने की जानकारी दी। इसी पार्टी की कनक बासुमतारी ने अपनी संपत्ति 5,000 रुपये घोषित की है। वहीं, राताबाड़ी (सुरक्षित) सीट से प्रत्याशी विष्णु धारी मल्लाह ने अपनी कुल संपति मात्र आठ हजार रुपये घोषित की है।