असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व सरमा ने भरोसा जताया है कि इस लोकसभा चुनाव में मुस्लिम समुदाय की लड़कियां-महिलाएं और युवा भाजपा को वोट देंगे। उन्होंने कहा कि वे मुस्लिम समुदाय की महिलाओं और बच्चों के लिए राज्य में संघर्ष कर रहा हूं। मैं चाहता हूं कि बाल विवाह न हो और महिलाओं को संपत्ति का अधिकार मिले। इसलिए वे भाजपा को वोट करेंगे।
आगे बोलते हुए उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा सरकार में बिना रिश्वत दिए युवाओं को नौकरी मिली है। इसीलिए उनके राज्य के बेरोजगार युवा जिसमें मुस्लिम समुदाय के युवा भी शामिल हैं, वे भी उनकी पार्टी को वोट देंगे।
इस दौरान उन्होंने धुबरी लोकसभा सीट से वर्तमान सांसद बदरुद्दीन अजमल और कांग्रेस नेता कीबुल हुसैन पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि अगर संभव हो तो कांग्रेस और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) दोनों के उम्मीदवार जीतें और असम के भविष्य के लिए दिल्ली जाएं।
गैंडे के अवैध शिकार में कांग्रेस नेता की कथित संलिप्तता की ओर इशारा करते हुए सीएम हिमंता ने कहा कि मैं रकीबुल हुसैन की जीत की उम्मीद कर रहा हूं। यदि वह दिल्ली जाते हैं, तो हमें काजीरंगा में इतनी बटालियन की जरूरत नहीं होगी। वहीं, अगर अजमल दिल्ली जाते हैं, तो हमारी कई मुस्लिम लड़कियों को कम उम्र में शादी नहीं करनी पड़ेगी।
सीएम हिमंता सरमा ने कहा कि मैंने उनके समाज को सुधारने की कोशिश की है। मुस्लिम समुदाय के युवा मुझे बहुत समर्थन दे रहे हैं। उन्होंने मेरी बातों का स्वागत किया है, किसी ने आपत्ति नहीं जतायी है। उन्होंने यह भी दावा किया कि विपक्षी कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता इस चुनाव अवधि के दौरान सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल होते रहेंगे।
गौरतलब है कि रकीबुल हुसैन असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के कार्यकाल के दौरान वन मंत्री थे। उन पर काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में गैंडों के अवैध शिकार का आरोप लगाया गया था। वहीं, एआईयूडीएफ प्रमुख और धुबरी के मौजूदा सांसद बदरुद्दीन अजमल ने हाल ही में बाल विवाह के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सीएम सरमा पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि भाजपा मुसलमानों को भड़काने की कोशिश कर रही है और यदि वह दोबारा शादी करना चाहते हैं, तो कोई उन्हें नहीं रोक सकता क्योंकि उनका धर्म उन्हें ऐसा करने की अनुमति देता है।