ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने आम आदमी पार्टी (आप) पर एक बार फिर निशाना साधा। उन्होंने अरविंद केजरीवाल की पार्टी को आरएसएस का छोटा रिचार्ज बताया है। दरअसल, अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी ने मंगलवार को दिल्ली के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में सुंदरकांड पाठ आयोजित करने का फैसला लिया है। ओवैसी ने दावा किया यह निर्णय 22 जनवरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के मद्देनजर लिया गया।
पहले सोशल मीडिया पर साधा निशाना
एएमआईएम प्रमुख ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि ये लोग संघ के एजेंडे का पूरा साथ दे रहे हैं। बिल्किस बानो के मसले पर इन लोगों ने चुप्पी साधे रखी थी। जब इस बारे में पूछा गया तो आप के नेताओं ने कहा था कि वे शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मसलों पर बात करना चाहते हैं। अब सुंदरकांड का पाठ किस मामले से जुड़ा हुआ है। शिक्षा या स्वास्थ्य?
ओवैसी ने कहा, ‘आरएसएस के छोटा रीचार्ज ने फैसला लिया है कि दिल्ली की हर विधानसभा क्षेत्र में हर महीने के पहले मंगलवार को सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा। ये फैसला 22 जनवरी के उद्घाटन की वजह से लिया गया।’
उन्होंने आगे कहा, ‘आपको याद दिला दूं कि ये लोग बिल्किस बानो के मसले पर चुप्पी बनाई रखी थी और कहा था कि वो सिर्फ शिक्षा और सेहत जैसे मसलों पर बात करना चाहते हैं। क्या सुंदरकांड पाठ शिक्षा है या सेहत? असल बात तो यही है के इन्हें इंसाफ से परहेज है। संघ के एजेंडे का पूरा साथ दे रहे हैं। हम बाबरी की बात भी ना करें, आप न्याय, मोहब्बत, फलाना का बाजा बजाते रहो और साथ में हिंदुत्व को मजबूत करते रहो वाह!’
पत्रकारों से बोले ये
बाद में पत्रकारों से ओवैसी ने कहा, 'जब मैंने देखा कि दिल्ली के सीएम और उनकी सरकार ने फैसला किया है कि हर मंगलवार को सुंदरकांड पाठ और हनुमान चालीसा का पाठ होगा। तो मेरा कहना है कि आप लोग भाजपा से अलग कैसे हुए? भाजपा-आरएसएस और आप में कोई अंतर नहीं है। आप नरेंद्र मोदी के रास्ते पर ही चल रहे हैं। आप वही करना चाहते हैं जो वह कर रहे हैं। प्रतिस्पर्धी हिंदुत्व की राजनीति को अपनाया जा रहा है।'
मकर संक्रांति पर कांग्रेस नेताओं के अयोध्या जाने पर एआईएमआईएम प्रमुख ने कहा कि आप जो भ्रम की राजनीति करना चाह रहे हैं, उससे क्या फायदा होगा? आप वही कर रहे हैं जो मोदी चाहते हैं। फिर क्या अंतर है? यही हमारी शिकायत रही है और हम इसी से लड़ रहे हैं। फिर हमारे खिलाफ आरोप लगाए जाते हैं।'