एनसीबी ने आर्यन के खिलाफ तीन आरोप लगाए थे, लेकिन एनसीबी उन आरोपों को साबित करने में नाकाम रही। आइए जानते हैं वो कौन से तीन आरोप थे, जिनमें एनसीबी के हाथ खाली ही रहे और आर्यन खान को क्लीन चिट मिल गई।
बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को ड्रग-ऑन-क्रूज मामले में क्लीन चिट दे दी गई है। एनसीबी के अधिकारियों को आर्यन खान के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है। एनसीबी ने शुरुआत में आरोप लगाया था कि क्रूज में आर्यन खान के पास से ड्रग मिला था। इसके बाद एनसीबी ने आर्यन के खिलाफ तीन आरोप लगाए थे, लेकिन जांच एजेंसी उन आरोपों को साबित करने में नाकाम रही। आइए जानते हैं वो कौन से तीन आरोप थे, जिनमें एनसीबी के हाथ खाली ही रहे...
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पहला आरोप: एनसीबी ने आरोप लगाया था कि आर्यन खान के पास से ड्रग बरामद हुआ है।
एनसीबी को क्या मिला?
शुरुआती जांच में ही सामने आ गया था कि ड्रग आर्यन के पास से नहीं बल्कि उनके दोस्त के पास से मिला था। एनसीबी के डीडीजी संजय सिंह ने बताया कि शुरुआत में सामने आया गया था कि उनके दोस्त के पास से चरस मिली थी। उनके बयान में साफ-साफ आया है कि ड्रग आर्यन के लिए नहीं था। आर्यन ने उनसे कहा था कि ड्रग लेकर पार्टी में न आएं।
दूसरा आरोप: एनसीबी ने आरोप लगाया था कि आर्यन खान की वाट्सएप चैट में ड्रग की बात की गई है। तब कहा गया था कि चैट में सामने आया कि आर्यन और अभिनेत्री अनन्या पांडे के बीच ड्रग को लेकर बात हुई थी। इस मामले में दो बार अनन्या पांडे को भी तलब किया गया था।
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एनसीबी को क्या मिला?
एनसीबी डीडीजी संजय सिंह ने बताया कि वाट्सएप चैट को लेकर कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और चैट में ऐसा कुछ भी नहीं मिला, जो ड्रग मामले से लिंक करता हो।
तीसरा आरोप: एनसीबी का तीसरा बड़ा आरोप था कि आर्यन खान ड्रग लेते हैं।
एनसीबी को क्या मिला?
डीडीजी संजय सिंह ने बताया कि एनसीबी ने कोर्ट में जो रिपोर्ट लगाई थी उसमें आरोपी यानी आर्यन खान का मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया था, जो कि जरूरी था।
अब क्या बोले एनसीबी अधिकारी
एनसीबी अधिकारी संजय सिंह ने बताया कि हमारी टीम ने निष्पक्ष जांच की है। हमने यह पाया है कि छह लोगों के खिलाफ पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं। इसके बाद हम इस निष्कर्ष पर आए कि इनके खिलाफ शिकायत फाइल नहीं करेंगे। बाकी जिनके खिलाफ सबूत मिले हैं, उन पर कार्रवाई की जा रही है।