नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की एसआईटी टीम ने क्रूज ड्रग मामले की शुरुआती जांच में गंभीर अनियमितता पाई। अधिकारियों ने कहा कि शाहरुख खान के बेटे आर्यन को गिरफ्तार करने वाली पहली टीम ने आरोपियों की मेडिकल जांच नहीं कराई, वीडियो रिकॉर्डिंग और व्हाटसएप चैट के लिए सुबूत जुटाने में भी लापरवाही बरती।
एनसीबी महानिदेशक (डीजी) एसएन प्रधान ने कहा कि जांच में कमियां थीं और आरोपी के व्हाटसएप चैट कोई फिजिकल पुष्ट सुबूत नहीं है जोकि अदालत में आरोपों को साबित करने के लिए आवश्यक होता है। उन्होंने कहा कि हमने अपनी विशेष जांच टीम द्वारा जुटाए गए सुबूतों के आधार पर आरोपपत्र दाखिल किया है।
ऐसे ध्वस्त हुए वानखेड़े के दावे
आर्यन को जब हिरासत में लिया गया था तो समीर वानखेड़े के नेतृत्व वाली एनसीबी ने दावा किया था कि उनके पास से 13 ग्राम कोकीन, 5 ग्राम एमडी, 21 ग्राम चरस और एनडीएमए की 22 गोलियां जब्त की गई। इनकी कीमत 1.33 लाख रुपये बताई गई थी। हालांकि एनसीबी के उप महानिदेशक (डीडीजी) संजय सिंह ने कहा कि जांच में पता चला कि ड्रग्स आर्यन के पास से नहीं, बल्कि उसके दोस्त अरबाज खान के पास से बरामद हुई थी।
केस से संबंधित नहीं है व्हाट्सएप चैट
आर्यन की गिरफ्तारी के वक्त दावा किया गया था कि उसने व्हाट्सएप चैट में ड्रग्स को लेकर चर्चा की थी। कहा गया था कि चैट में सामने आया कि आर्यन और अभिनेत्री अनन्या पांडे के बीच इसे लेकर बात हुई थी। सिंह ने कहा कि जिस व्हाट्सएप चैट की बात हो रही है, वह भी इस केस से संबंध नहीं रखती है।
25 करोड़ के सौदे के लगे थे आरोप
आर्यन को छोड़ने के एवज में 25 करोड़ रुपये की डील होने की बात सामने आई थी। एनसीपी नेता नवाब मलिक ने इसके अलावा वानखेड़े पर कई आरोप लगाए थे।
फर्जी जाति प्रमाणपत्र में भी घिरे
केंद्र ने वित्त मंत्रालय को एनसीबी के तत्कालीन क्षेत्रीय निदेशक समीर वानखेड़े के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है। सूत्रों का कहना है कि फर्जी जाति प्रमाणपत्र देने के मामले में भी उचित कार्रवाई शुरू की जा रही है।
सत्य की जीत
आखिर सत्य की जीत हुई। आर्यन को गिरफ्तार करने या आरोप के लिए कोई सुबूत नहीं मिला। एनसीबी ने अपनी गलती मानी। महसूस किया कि आर्यन के खिलाफ कार्रवाई का कोई कारण नहीं था। -मुकुल रोहतगी, आर्यन के वकील
गुजरात ड्रग्स का प्रवेशद्वार बन गया है : कांग्रेस
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि पीएम मोदी और गृहमंत्री शाह दोनों गुजरात से हैं। इसके बावजूद उनकी नाक के नीचे गुजरात गेटवे ऑफ ड्रग्स क्यों बन रहा है। दोनों नेता इस पर चुप क्यों हैं? इस सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए क्या रूपरेखा बनाई है, स्पष्ट करें?