दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि वे यूजीसी और केन्द्रीय विश्वविद्यालयों को निर्देश दें कि वे आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अपने छात्रों को डिग्री प्रदान करें जिससे वे अपने भविष्य की योजनाओं को आगे बढ़ा सकें।
उन्होंने लिखा है कि दिल्ली सरकार और अन्य कई राज्य सरकारों ने अपने यहां के विश्वविद्यालयों को इस तरह का निर्देश दे दिया है। लेकिन दिल्ली विश्वविद्यालय केंद्र सरकार के अधीन आता है, और इसके लिए केंद्र सरकार को ही निर्देश जारी करना पड़ेगा। उन्होंने कहा है कि यह काम केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश के बाद ही हो सकता है इसलिए वे इस मामले में दखल करें।
अरविंद केजरीवाल ने लिखा है कि जब आईआईटी जैसे उच्चस्तरीय शिक्षण संस्थानों ने भी अपने छात्रों को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अंतिम वर्ष के छात्रों को डिग्री प्रदान कर दी है तो अन्य विश्वविद्यालयों को इसी तरह की प्रक्रिया अपनाने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसी तरह के उपाय दुनिया के कई अन्य देशों के शिक्षण संस्थाओं ने भी अपनाया है।
शनिवार को ही दिल्ली के शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली सरकार के इस फैसले की जानकारी दी और कहा कि अब दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले विश्वविद्यालयों में कोई परीक्षा नहीं ली जाएगी। अंतिम वर्ष के छात्रों को भी उनके पिछले सेमेस्टर या पहले, दूसरे साल के अंकों के आधार पर अंक दे दिए जाएंगे। इसके आधार पर उन्हें डिग्री भी प्रदान कर दी जाएगी जिससे वे अपनी भविष्य की योजनाओं को आगे बढ़ा सकें।