बेस कैंप में उतरने के बाद खोजी दस्तों ने इसके आसपास दोनों की खोज की। इसके बाद हैलिकॉप्टर की मदद से बेस कैंप-2 में जाकर काफी बड़े क्षेत्र में खोजबीन की गई। बचाव दल के सदस्यों ने आज बेस कैंप के क्षेत्र में काफी समय तक खोजबीन की।
पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से लापता अरुणाचल प्रदेश के पहले माउंट एवरेस्ट विजेता तापी म्रा और उनके सहयोगी निको दाओ को बचाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत सोमवार को मौसम ठीक होने पर आर्मी के हैलिकॉप्टर बेस कैंप पर उतरे। इसमें नौ सेना के जवान हैं और एक पर्वतारोही शामिल है। यह जानकारी सोमवार को एडीसी और इस मिशन के प्रभारी राजीव चीदूनी ने दी।
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चीदूनी ने बताया कि बेस कैंप में उतरने के बाद खोजी दस्तों ने इसके आसपास दोनों की खोज की। इसके बाद हैलिकॉप्टर की मदद से बेस कैंप-2 में जाकर काफी बड़े क्षेत्र में खोजबीन की गई। बचाव दल के सदस्यों ने आज बेस कैंप के क्षेत्र में काफी समय तक खोजबीन की। उन्होंने कहा कि अगर मौसम ने साथ दिया तो कल यानि मंगलवार को टीम बेस कैंप से कैंप-1 तक पैदल सर्च अभियान चलाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि रविवार को सुबह भी सेना का हैलिकॉप्टर असम के मिसामारी आर्मी कैंप से उड़े थे। लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। घने बादल और दृश्यता की कमी के चलते बचाव दल को जल्द वापस लौटना पड़ा।
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उल्लेखनीय है कि तापी (37) अरुणाचल प्रदेश की ऊंची चोटियों में से एक माउंट क्यारीसाटम (6890 मीटर) पर चढ़ाई के आधिकारिक मिशन पर थे। तापी म्रा ने 21 मई 2009 को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की थे।