बांध को लेकर बवाल (संकेतात्मक तस्वीर)
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भारत सरकार ने हाल ही में अरुणाचल प्रदेश में 12 हाइड्रोपावर प्लांट्स के लिए करोड़ों रुपये के निवेश का एलान किया था।हालांकि, ऐसी आशंका जताई जा रही कि भविष्य में इस तरह के प्रोजेक्ट से गांव और कस्बे डूब सकते हैं। इसलिए यहां के लोग जमकर विरोध कर रहे हैं। इन विरोध-प्रदर्शनों पर अब जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। कई सरकारी कर्मचारियों और गांव बुराह या ग्राम प्रधानों को सियांग ऊपरी बहुउद्देशीय परियोजना (एसयूएमपी) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने और बांध विरोधी आंदोलन का समर्थन करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा नोटिस दिया गया है।
नोटिस जारी कर क्या पूछा गया?
ऊपरी सियांग के उपायुक्त हेज लैलांग ने इस सप्ताह की शुरुआत में कई सरकारी कर्मचारियों और 'गांव बुराहों' को नोटिस भेजा था। उनसे पूछा गया था कि उनके खिलाफ केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964 के तहत अवज्ञा और कदाचार के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए।
सीएससी नियमों के तहत, सरकारी कर्मचारियों को हड़ताल पर जाने या सरकार की नीतियों की आलोचना करने से रोक दिया गया है।
31 अगस्त को हुआ था विरोध-प्रदर्शन
कई बांध विरोधी समूहों ने 31 अगस्त को सियांग जिले के डाइट डाइम में एक विरोध रैली निकाली। इसमें प्रस्तावित एसयूएमपी के खिलाफ विरोध जताया गया। यह एक विशाल जलविद्युत परियोजना है, जिसे बिजली क्षेत्र की दिग्गज कंपनी नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन (एनएचपीसी) द्वारा लागू किया जाना है।
नोटिसों की संख्या का खुलासा करने से इनकार
लैलांग ने शनिवार को कहा कि जिला प्रशासन ने प्रोजेक्ट के खिलाफ प्रदर्शनों में शामिल हुए कई सरकारी कर्मचारियों और गांव बुराहों से कुछ दिनों पहले जवाब मांगा था। हालांकि, उन्होंने सरकारी कर्मचारियों को दिए गए नोटिसों की संख्या का खुलासा करने से इनकार कर दिया और कहा कि यह गोपनीय जानकारी है।
गांवों के लोगों का यह कहना
राज्य सरकार और एनएचपीसी को प्रस्तावित बांध पर स्थानीय समुदायों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि इससे गांवों को तो नुकसान पहुंचेगा ही बल्कि पर्यावरण भी प्रभावित होगा। इससे पहले 30 अगस्त को ऊपरी सियांग और सियांग जिला प्रशासन ने सरकारी अधिकारियों और 'गांव बुराहों' को सरकारी नीतियों और कार्यक्रमों के खिलाफ किसी भी प्रदर्शन, हड़ताल या गतिविधियों में भाग नहीं लेने का निर्देश दिया था।