केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समर्थन में आने वाले विपक्षी दलों के नेताओं पर निशाना साधते हुए मंगलवार को कहा कि ‘चोरों का तंत्र’ देश की सत्ता पर काबिज होना चाहता है।
फेसबुक पर ‘द क्लेप्टोक्रेट्स क्लब’ शीर्षक से एक पोस्ट में जेटली ने लिखा कि कोलकाता पुलिस प्रमुख की जांच के मामले में ममता बनर्जी के रवैये ने कई सवाल खड़े किए हैं। पश्चिम बंगाल चिट फंड घोटाले की जांच सुप्रीम कोर्ट ने ही सीबीआई को सौंपी थी।
यहां तक कि अदालत ने जांच की निगरानी भी की। सीबीआई ने पूछताछ के बाद कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया। कई लोगों को जमानत मिली। ऐसे में यदि पूछताछ के लिए पुलिस के अधिकारी की जरूरत पड़ती है तो यह ‘सुपर इमरजेंसी’, ‘संघवाद पर हमला’ या ‘संस्थानों की बर्बादी’ कैसे हो जाता है।
केंद्रीय मंत्री ने आगे लिखा है कि ममता को कई विपक्षी नेताओं का समर्थन मिला जिनकी इच्छा सत्ता में आने की है। इनमें से ज्यादातर के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में जांच चल रही है, यहां तक कि कुछ को तो अदालत से दोषी भी ठहराया जा चुका है।
ऐसे में 2019 का चुनाव ‘मोदी बनाम अव्यवस्था’ या ‘मोदी बनाम अराजकता’ के बीच होगा। ममता बनर्जी का हालिया रवैया इसका सबसे अच्छा सबूत है कि भारत का विपक्ष किस तरह का सुशासन दे सकता है।
जेटली ने कहा कि ममता बनर्जी ने ऐसा इसलिए नहीं किया क्योंकि नियमित जांच के दायरे में पुलिस के एक अधिकारी था वरन उन्होंने ऐसा विपक्ष के केंद्र में खुद को दिखाने के लिए किया।