आरोग्य मंथन 3.0 में मौजूद केंद्रीय मंत्री मंडाविया और डॉ. पवार
- फोटो : ani
देश के करोड़ों गरीब परिवारों को पांच लाख रुपये तक के निशुल्क उपचार की सुविधा देने वाली केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना को तीन साल पूरे हो गए हैं। इस मौके पर 'आरोग्य मंथन 3.0' का आयोजन किया गया। इसे संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने एलान किया कि अगले सात सितंबर तक सभी को आयुष्मान कार्ड जारी कर दिए जाएंगे। 'आरोग्य मंथन 3.0' का मंत्री मंडाविया व स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार ने वर्चुअल उद्घाटन किया।
सितंबर 2018 में लागू हुई थी योजना
प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) सितंबर 2018 में शुरू हुई थी। योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का इलाज निजी व सरकारी अस्पतालों में कराया जा सकता है। इनके अलावा करीब एक हजार से अधिक प्रोसीजर व अन्य तरह की बीमारियां इसमें शामिल हैं। केंद्र सरकार एक भारत-एक स्वास्थ्य बीमा को लेकर सभी सरकारी विभागों को एक योजना के तहत ला रही है। जल्द ही डिजिटल हेल्थ कार्ड जारी किया जा सकता है।
10.74 करोड़ परिवार दायरे में
योजना के दायरे में देश में देश के 10.74 करोड़ गरीब व वंचित परिवार यानी करीब 54 करोड़ लोग आते हैं। वर्तमान में आयुष्मान भारत या पीएमजय देश के 33 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है।
तीन साल में दो करोड़ लोगों का इलाज
आयुष्मान भारत योजना शुरू होने के बाद से अब तक दो करोड़ से ज्यादा लोगों का इस योजना के तहत मुफ्त इलाज किया गया है। इस पर 26,400 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। दशभर के सरकारी व निजी क्षेत्र के 24 हजार अस्पतालों में इस योजना के तहत इलाज के सुविधा उपलब्ध है। इसके दायरे में कोरोना समेत 918 तहर के रोगों के इलाज व शल्य क्रिया की व्यवस्था है। आर्थोपीडिक, कॉर्डियोलॉजी, कॉर्डियोथोरेसिक, वस्कुलर सर्जरी, कैंसर व किडनी रोगियों के इलाज को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।