'बहुआयामी युद्ध लड़ने की क्षमताएं विकसित कर रही है सेना'
भारतीय सेना के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे ने शुक्रवार को कहा कि हमें क्लासिक युद्ध और शांति स्वभाव को त्यागने और अंतर-एजेंसी सामंजस्य बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा, 'असल में, राज्य के सभी अंगों के लिए राष्ट्रीय उद्देश्य की दिशा में एक साथ काम करने की महत्वपूर्ण आवश्यकता, पिछले वर्ष की मुख्य उपलब्धि रही है।'
उन्होंने आगे कहा कि एक बहुआयामी युद्ध लड़ने के लिए क्षमताएं हासिल करने के लिए सेना आधुनिकीकरण की प्रक्रिया में है। इसमें भविष्य की चुनौतियों और विवादों को भी ध्यान में रखा जा रहा है। सशस्त्र संघर्ष की ओर बढ़ने से रोकने के लिए सेना एक विश्वसनीय और संतुलित बल मुद्रा का निर्माण कर रही है। उन्होंने सोशल मीडिया को संबोधित करने पर भी जोर दिया।