सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने नए सेना प्रमुख का पदभार संभालने के बाद अपने भाई और अन्य रिश्तेदारों के पैर छुए। इससे पहले जनरल द्विवेदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। उन्होंने कल 30 जून को जनरल मनोज पांडे से सेनाध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया था। वे राष्ट्रीय युद्ध स्मारक भी गए, जहां उन्होंने पुष्पांजलि अर्पित की।
इस दौरान सेना प्रमुख ने कहा कि मेरे लिए ये अत्यंत गर्व और सम्मान का अवसर है कि मुझे भारतीय थलसेना का नेतृत्व करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। भारतीय सेना के गौरवशाली परंपरा हमारे सैनिकों के बलिदान और योगदान की बुनियाद पर आधारित है। इस पर मैं उन वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने कर्तव्य पथ पर अपने प्राणों की आहुति दी है। आज भारतीय थलसेना आधुनिकीकरण के पद पर अग्रसर है। इस दिशा में आत्मनिर्भरता को पूर्णता हासिल करने के लिए भारत सेना हमेशा तैयार है। मैं देश और भारतीय नागरिकों को विश्वास दिलाता हूं कि भारतीय सेना हर चुनौती का सामना के लिए पूर्णता तैयार है।
साउथ ब्लॉक में सलामी गारद का निरीक्षण किया
उन्होंने कहा कि थल सेना, वायु सेना और नौसेना के बीच तालमेल सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकताओं में से एक होगा। रायसीना हिल्स के साउथ ब्लॉक में सलामी गारद का निरीक्षण करने के बाद मीडिया से बातचीत में नव नियुक्त सेना प्रमुख ने यह भी कहा कि वह रक्षा में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए सेना में स्वदेश निर्मित सैन्य उपकरणों को शामिल करने को प्रोत्साहित करेंगे।
बेहतर तालमेल बैठाने का प्रयास करूंगा: जनरल द्विवेदी
जनरल द्विवेदी ने कहा कि मैं भारतीय सेना, भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना के बीच बेहतर तालमेल बैठाने का प्रयास करूंगा। यह राष्ट्रीय हित के लिए जरूरी है। यह राष्ट्रीय हित की रक्षा करेगा। मेरी कोशिश होगी कि थलसेना, नौसेना, वायु सेना और अन्य पक्षकारों के बीच तालमेल से हम संघर्ष की स्थिति में युद्ध के लिए हमेशा तैयार रहें।
पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद के बीच आई टिप्पणी
उन्होंने कहा कि मैं देश और सभी नागरिकों को आश्वस्त करता हूं कि भारतीय सेना सभी मौजूदा और भविष्य की चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए तैयार है। हमारी सेना और हमारा हर एक जवान पूरी तरह सक्षम है। पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ जारी सीमा विवाद के बीच ये टिप्पणियां की गई हैं।
जनरल द्विवेदी के बारे में जानिए
जनरल द्विवेदी 19 फरवरी से सेना के उप-प्रमुख का कार्यभार संभाल रहे थे। वह उप प्रमुख का कार्यभार संभालने से पहले 2022-2024 तक उत्तरी कमान के ‘जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ’ रहे थे। मध्य प्रदेश के रीवा स्थित सैनिक स्कूल के छात्र रहे जनरल द्विवेदी 1984 में भारतीय सेना की जम्मू कश्मीर राइफल्स में शामिल हुए थे।