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Meghalaya: एचएनएलसी संगठन के ‘स्लीपर सेल’ का भंडाफोड़, चार सदस्य गिरफ्तार; कड़ी कार्रवाई की तैयारी

Thu, 14 Mar 2024 03:21 PM IST
मिथिलेश नौटियाल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मेघालय के री-भोई इलाके में आईईडी ब्लास्ट के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें एचएनएलसी संगठन के अनुशानात्मक सचिव टार्जन का नाम भी शामिल है। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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मेघालय के री-भोई जिले में प्रतिबंधित हाइनीवट्रेप नेशनल लिबरेशन काउंसिल (एचएनएलसी) संगठन के स्लीपर सेल का भंडाफोड़ हुआ है। यहां पहले संगठन के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया और इसके बाद हथियार और गोला बारूद जब्त किए गए हैं। इन चारों सदस्यों को शिलॉन्ग के विवादित पंजाबी लेन इलाके में आईईडी ब्लास्ट के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। चारों से जानकारी लेने के बाद पुलिस ने हथियार और गोला बारूद बरामद किया है। 

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पुलिस अधीक्षक जगपाल धनोआ सिंह ने बताया कि 'बुधवार को री-भोई जिले में एचएनएलसी के झंडे के साथ हथियार, जिलेटिन की छड़ें, डेटोनेटर और इग्निशन फ़्यूज़ जब्त किए गए।' आपको बता दें कि शनिवार की रात री-भोई जिले के विवादित पंजाबी लेन इलाके में आईईडी विस्फोट हुआ था। इस विस्फोट में एक व्यक्ति के घायल होने की खबर सामने आई थी। इसके बाद सोमवार को चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। चारों आरोपी अपने संगठन से जुड़े आकाओं द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार काम कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में हाइनीवट्रेप नेशनल यूथ फ्रंट का अनुशासनात्मक सचिव टार्ज़न लिंबा भी शामिल है। 

क्या है विवादित पंजाबी लेन मामला? 

  • लगभग 200 साल पहले कुछ सिखों को ब्रटिश आर्मी द्वारा शिलॉन्ग लाया गया था। 
  • इन सिखों को यहां साफ-सफाई का काम दिया गया था।  
  • तब से सिखों के परिवार पंजाबी लेन में रह रहे हैं। 
  • सरकार द्वारा सिखों को भूमि के दूसरे हिस्से में रहने की पेशकश की गई थी। 
  • प्रारंभिक अनिच्छा के बाद सिख स्थानांतरण के लिए सहमत हुए।  
  • सिखों की मांग थी कि सरकार द्वारा उनके घरों के निर्माण की लागत वहन की जाए। 
  • हाल ही में सिखों ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखा 
  • पत्र में लिखा गया कि ‘सिखों के पुनर्वास की प्रक्रिया को रोकने के लिए विस्फोट किया गया है।’
  • साल 2018 में एक बस ड्राइवर पर सिखों द्वारा कथित तौर पर हमला किया गया 
  • इसके बाद इलाके में हिंसा भड़की, एक महीने तक कर्फ्यू लगा रहा. 

मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने हाल ही में हुई आईईडी विस्फोट के अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया था। उन्होंने कहा कि मामले में कड़ी कार्रवाई की जा रही है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जिम्मेदार लोगों को सजा दी जाए।"

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