जूम मीटिंग के दौरान हिंदी में बोलने पर विवाद
- फोटो : सोशल मीडिया
उत्तर बनाम दक्षिण में भाषा को लेकर नेताओं के बयानबाजी के इतर एक वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें जूम मीटिंग के दौरान सहकर्मियों के बीच भाषा को लेकर बहस दिखाई दे रही है। हिंदी बनाम अंग्रेजी को लेकर वायरल हुई इस जूम मीटिंग को लेकर तमाम प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आईये जानते हैं पहले आखिर मामला क्या है।
'मीटिंग में बोली हिंदी, टूट पड़े अन्य सहकर्मी'
एक ऑफिस टीम द्वारा जूम मीटिंग की गई। इस दौरान वीडियो कॉल के जरिए टीम के सहकर्मी जुड़े हुए थे। इस दौरान एक ऐसा वाक्या हुआ, जो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। वीडियो के मुताबिक, कर्मचारी नए साल की अपनी योजनाओं को लेकर चर्चा कर रहे थे। इस दौरान एक कर्मचारी द्वारा हिंदी में बोलने पर अन्य कर्मचारी द्वारा आपत्ति जताई गई और अंग्रेजी में बोलने का आग्रह किया गया। आपत्ति के बाद वह कर्मचारी अंग्रेजी में बात करने लगा, लेकिन बोलते-बोलते फिर से वह हिंदी पर आ गया। इसको देख अन्य सहकर्मी काफी उत्तेजित हो गए। वीडियो में साफ दिख रहा है कि भाषा को लेकर अन्य कर्मचारी आपस में ही भीड़ गए हैं।
वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि एक अन्य कर्मचारी द्वारा स्थिति को शांत करने की कोशिश की जा रही है। सहकर्मी ने कहा कि मैं इसे हिंदी से अंग्रेजी में अनुवाद करके आपको बताता हूं कि वह क्या कहना चाहता हैं। इसको लेकर भी उन्होंने आपत्ति जताई, जिसके बाद विवाद ज्यादा बढ़ गया है। इसी दौरान, सभी कर्मचारी अपनी मूल भाषा में ही मीटिंग के दौरान बोलने लगे। हालांकि यह वीडियो कब का है, इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
सोशल मीडिया में तमाम प्रतिक्रिया
वीडियो के वायरल होते ही तमाम प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। शनिवार को साझा किए जाने के बाद इस वीडियो को दस लाख से अधिक लोग देख चुके हैं। जहां एक तरह लोग हिंदी में बात करने वाले शख्स का समर्थन कर रहे हैं, वहीं कुछ लोगों ने इस पर अलग राय दी हैं। एक यूजर ने सवाल किया कि वह अंग्रेजी क्यों नहीं बोल सकते, अगर वहां से कोई अन्य भाषा में बोले तो कैसा लगेगा। एक अन्य यूजर्स ने कहा कि मैं अपने 16 साल के आईटी करियर में ऐसा कभी नहीं देखा कि मीटिंग के दौरान अपनी क्षेत्रीय भाषा में लोग बोलने लगें।
हिंदी के समर्थन में सोशल मीडिया के यूजर्स
कई लोग हिंदी बोलने के समर्थन पर सोशल मीडिया पर खड़े हो गए हैं। एक यूजर्स ने कहा कि इन लोगों को हिंदी से क्या दिक्कत हैं। साथ ही अन्य यूजर्स ने कहा कि ऐसे छोटे मुद्दों पर बच्चों की तरह नहीं लड़ना चाहिए। अगर कोई वह भाषा नहीं जानता तो आपसी सामंजस्य से तीसरा रास्ता खोजें।