उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में बीजेपी सत्ता से बाहर रखने के लिए हर संभव कोशिश में लगी हुई है। यह बात कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह अपने इटंरव्यू में कही है। यही वजह कि बिहार के बाद बीजेपी को अब उत्तर प्रदेश की सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस कुछ भी करने को तैयार है। कांग्रेस ने सपा से हाथ मिला चुकी है साथ ही मायावती पर कोई सीधा हमला करने से बच रही है।
कांग्रेस महासचिव और सांसद दिग्विजय सिंह ने अपने इंटरव्यू में कहा है कि भाजपा को रोकने के लिए कांग्रेस इन प्रांतों में 1990 के बाद से सपा, जदयू, राजद और बसपा से समझौता करती रही है। अमर उजाला के राजीव जायसवाल और धीरज कनौजिया से एक खास बातचीत में सिंह ने कई अहम मुद्दों पर खुल कर चर्चा की।
कन्नौज की रैली में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पहले कांग्रेस ने सपा का विरोध किया और फिर उसके साथ हो गई। क्या इससे जनता में गलत संदेश नहीं जाएगा?
यह बात सही है कि कांग्रेस ने यात्रा निकाली थी। राहुल गांधी ने किसानों का कर्जा माफ करने, किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य देने और उन्हें आधी दर पर बिजली देने की बात की थी। इसके बाद सपा में अखिलेश यादव का नेतृत्व उभर कर आया तो उन्हें लगा कि सपा में एक नया परिवर्तन हो रहा है। इन परिस्थितियों में राहुल गांधी ने न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत सपा से गठबंधन किया।
कांग्रेस मायावती के खिलाफ क्यों नहीं बोल रही है?
हमारी लड़ाई विचारधारा की है। भाजपा की विचारधारा धर्म को आधार बनाकर बांटने की राजनीति करती है। मायावती को कोई सांप्रदायिक नहीं कह सकता। वह दलितों की आइकॉन हैं।