फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Madras High Court: सनातन विरोधी बयान के मामले में उदयनिधि बोले- सबूत देना याचिकाकर्ता का काम, मेरा नहीं

Tue, 31 Oct 2023 05:52 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

सनातन विरोधी टिप्पणी पर उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ दायर अधिकार वारंटो की रिट पर न्यायमूर्ति अनीता सुमंत ने सुनवाई की। स्टालिन के कहा,साक्ष्य उपलब्ध कराने का दायित्व याचिकाकर्ता पर होना चाहिए मुझ पर नहीं।
विज्ञापन
मद्रास हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सनातन विरोधी टिप्पणी को लेकर उदयनिधि स्टालिन की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। उदयनिधि स्टालिन के खिलाफ दायर अधिकार वारंटो की रिट पर न्यायमूर्ति अनीता सुमंत ने सुनवाई की। इस दौरान उदयनिधि के वकील पी विल्सन ने मौखिक रुप से दलीलें दी। उन्होंने कहा, उदयनिधि कहते हैं कि साक्ष्य उपलब्ध कराने का दायित्व याचिकाकर्ता पर होना चाहिए मुझ पर नहीं।
विज्ञापन


तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने मंगलवार को मद्रास उच्च न्यायालय के समक्ष कहा, जिस याचिकाकर्ता ने उनकी कथित सनातन धर्म विरोधी टिप्पणियों पर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की है, उन्हें संबंधित साक्ष्य पेश करना चाहिए। उसे उसके संवैधानिक अधिकार के विरुद्ध कुछ भी करने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

विल्सन ने तर्क दिया कि मामले की कार्यवाही को भाजपा के राज्य अध्यक्ष के अन्नामलाई सहित भाजपा के सदस्यों द्वारा अपने सोशल मीडिया पर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा, याचिका दायर करने के बाद आवश्यक साक्ष्य दाखिल करना याचिकाकर्ता का कर्तव्य था और ऐसा करने में विफल रहने पर याचिका खारिज कर दी जानी चाहिए। विल्सन ने कहा, अदालत प्रतिवादी उदयनिधि स्टालिन के संवैधानिक अधिकार के खिलाफ कुछ भी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकती।
विज्ञापन


विल्सन और महाधिवक्ता आर शनमुघसुंदरम द्वारा याचिकाकर्ता द्वारा दायर आवेदन पर जवाबी हलफनामा दायर करने के लिए समय मांगने के बाद न्यायाधीश ने मामले की सुनवाई 7 नवंबर तक टाल दी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें