महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री अनिल देशमुख ने उपमुख्यमंत्री अजीत पवार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने कहा, अजीत पवार को शिरडी में विरोध प्रदर्शन के दौरान मंच छोड़ देना चाहिए था या पीएम नरेंद्र मोदी को सुधारना चाहिए था, जब उन्होंने राकांपा प्रमुख शरद पवार के कृषक समुदाय में योगदान पर सवाल उठाया था।
पूर्व मंत्री देशमुख गुरुवार को शिरडी में पीएम मोदी के संबोधन का जिक्र कर रहे थे, जहां उन्होंने प्रतिष्ठित साईंबाबा मंदिर में पूजा की और कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। राजनीतिक हमला करते हुए पीएम मोदी ने शरद पवार का नाम लिए बिन कहा था, किसानों के नाम पर वोट की राजनीति करने वालों ने आपको पानी की एक-एक बूंद के लिए तरसा दिया है। महाराष्ट्र में कुछ लोगों ने किसानों के नाम पर केवल राजनीति की। महाराष्ट्र के एक वरिष्ठ नेता देश के कृषि मंत्री रहे। मैं व्यक्तिगत रूप से उनका सम्मान करता हूं। लेकिन उन्होंने किसानों के लिए क्या किया है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान पूर्व मंत्री अनिल देशमुख ने कहा, अजीत पवार को विरोध में मंच छोड़ देना चाहिए था या पीएम मोदी को उचित जानकारी देनी चाहिए थी ताकि वह शरद पवार के खिलाफ अपने बयान को सही कर सकें। राकांपा नेता ने कहा कि पीएम मोदी ने अतीत में कृषक समुदाय में योगदान के लिए शरद पवार की प्रशंसा की है। देशमुख ने आरोप लगाया कि मोदी ने अब चुनाव से पहले अपना रुख बदल लिया है और मांग की कि पीएम शरद पवार के संबंध में अपना बयान सुधारें।
अजित पवार और आठ विधायकों के एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होने के बाद 2 जुलाई को एनसीपी टूट गई।