मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी
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सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के खाते में सीधे पैसे डालने की योजना के पीछे मंशा यह थी कि इससे बिचौलिए खत्म होंगे, मगर आंध्रप्रदेश में चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आंध्र वित्त विभाग ने जांच में पाया कि इस साल अब तक करीब 700 करोड़ रुपए लाभार्थियों के खातों में जाने के बजाय दूसरों के खातों जमा हुआ है। यानी, सारे पैसे फर्जी लाभार्थियों के खातों में गए।
वाईएस जगन मोहन रेड्डी सरकार ने दावा किया कि 2019 से 2021 के बीच अब तक विभिन्न योजनाओं के तहत करीब एक लाख करोड़ की राशि जारी की गई है। हाल ही में जब वित्त मंत्री बी राजेंद्रनाथ ने शीर्ष अधिकारियों के साथ मामले की समीक्षा की तो लाभार्थियों के डाटा की दोबारा जांच करने का निर्णय लिया गया, ताकि लीक का पता चल सके। वित्त विभाग की ओर से कहा गया है कि बहुत बड़ी राशि गलत हाथों में चली गई है। सूत्रों के अनुसार पिछले दो सालों में 3,000 करोड़ से अधिक की राशि गलत हाथों में पहुंची है।
वित्त विभाग के सूत्रों के अनुसार कुछ बड़ी योजनाओं में फर्जीवाड़ा सामने आया है। हालांकि, जांच अभी शुरुआती चरण में ही है, लेकिन ऐसा लगता है कि पिछले दो वर्षों में करीब 3,000 करोड़ रुपए फर्जी लाभार्थियों के खातों में गए।
बड़ी योजनाएं जिनमें लाखों लाभार्थियों को रुपया ट्रांसफर किया जाता है उनमें अम्मा वोदी (जिसमें हर मां को 15,000), पीएम किसान रिथू भरोसा (13,500 प्रत्येक किसान), चेयुता (18,750 रु. 45 वर्ष से ऊपर वाले हर बीसी, एसटी, एससी और अल्पसंख्यक महिला के लिए), वाहन मित्र (10,000 हर टैक्सी और ऑटो चालक को) और मत्स्यकरा भरोसा (10,000 हर मछली पालक को) हैं।