क्या है पूरा मामला
मामला एलुरु शहर के कोठापेटा इलाके का है। नाबालिग लड़का 11 साल का है और एक सरकारी स्कूल में 5वीं क्लास में पढ़ता है। रविवार सुबह 11 बजे वह दोस्त की बर्थडे पार्टी में जाने के लिए तैयार हो रहा था। इस दौरान उसका सफेद शर्ट पहनने का मन था। उसने अपनी सौतेली मां लक्ष्मी (38 वर्षीय) से सफेद शर्ट देने को कहा। लेकिन वह शर्ट कपड़ों में दबी हुई थी। इसलिए लक्ष्मी ने उसे शर्ट देने से मना कर दिया।
नाबालिग की जैविक मां की पहले हो चुकी मौत
इससे नाराज नाबालिग ने अपनी कमर पर सिर्फ तौलिया लपेटा और अर्धनग्न स्थिति में एलुरु शहर की पुलिस के पास पहुंच गया। फिर उसने यहां मां के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। बच्चे की शिकायत और साहस से खुश पुलिस ने उसके परिवार के बारे में जानकारी ली और आगे की जांच की। जानने पर पता चला कि वह अपने पिता मल्लिकार्जुन राव (40 वर्षीय) के साथ रह रहा है, जो मजदूरी करके अपनी दूसरी पत्नी के साथ जीवन यापन करते हैं। लड़के की जैविक मां की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी।
सौतेली मां ने किया था नाबालिग से बुरा व्यवहार
इसके बाद पुलिस ने लक्ष्मी को बुलाया और उन्हें बच्चे को उस शर्ट को देने को कहा। इसके बाद जांच में आगे पता चला कि लक्ष्मी ने पहले लड़के के साथ बुरा व्यवहार किया था। इसमें उसे गर्म रॉड से जलाना भी शामिल था। पुलिस के मुताबिक, सौतेली मां लक्ष्मी ने पहले लड़के को इतनी बुरी तरह पीटा था कि उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। बच्चे के पैरों के जलने का इलाज भी किया गया था।
पुलिस ने दी सौतेली मां को सख्त चेतावनी
पुलिस ने लक्ष्मी द्वारा बच्चे के साथ क्रूरता की हिस्ट्री पर विचार और उन्हें दोबारा इस तरह का व्यवहार न करने की सख्त चेतावनी दी। इसके साथ उनसे एक लिखित बयान भी लिया कि वह फिर से लड़के को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएंगी। पुलिस ने परिवार के बुजुर्गों की मौजूदगी में लक्ष्मी को प्रतिज्ञा दिलाई कि वह इस तरह के व्यवहार से परहेज करेंगी। इससे लड़के के भविष्य को सुरक्षित कर दिया गया।