'राहुल गांधी के लिए परीक्षा की घड़ी'
जेएनयू के पूर्व प्रोफेसर एवं राजनीतिक विश्लेषक डॉ. आनंद कुमार कहते हैं, ये राहुल गांधी के लिए परीक्षा की घड़ी है। भले ही चुनावों की दहलीज पर ही सही, लेकिन उन्होंने एक बड़ा कदम उठाया है। अगर वे इस दलित थ्योरी को महज अल्पकालिक राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करेंगे तो चोट खा सकते हैं। अगले साल होने जा रहे विधानसभा चुनाव में उन्हें मतदाताओं को यह भरोसा दिलाना होगा कि कांग्रेस पार्टी, दलित समुदाय के हितों के संरक्षण के लिए वचनबद्ध है। उत्तर प्रदेश में ओबीसी व मुस्लिम और दलित व मुस्लिम, ऐसे समीकरणों के आधार पर सरकारें बनती रही हैं। इस बार प्रियंका गांधी यूपी में पार्टी को आगे ले जाने के लिए कड़ी मशक्कत कर रही हैं। अगर वे पंजाब में चन्नी को सीएम बनाने की थ्योरी यूपी के दलित वोटरों को समझाने में कामयाब हो जाती हैं तो पार्टी को फायदा मिल सकता है। यूपी में दलित वोटर करीब 21 फीसदी बताए जाते हैं।
गुजरात में लगभग 62 सीटों पर दलित वोटरों का प्रभाव रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, अकाली, बसपा, भाजपा और आप बेशर्मी से चन्नी जी की उम्मीदवारी पर हमला कर रहे हैं। मैं पीएम मोदी से पूछना चाहता हूं कि क्या आपने कभी किसी दलित को भाजपा का सीएम बनाया है, नहीं बनाया। आज देश में सिर्फ एक दलित सीएम है, वह भी कांग्रेस का। हमारे बाकी दो सीएम ओबीसी समुदाय से आते हैं। भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा, कांग्रेस ने नाईट वॉचमैन उतारा है। दलित वोटरों को लुभाने के लिए चन्नी को चार महीने का मुख्यमंत्री बनाया है। अगर कांग्रेस में हिम्मत है तो वह ऐसी घोषणा करें कि चन्नी के नेतृत्व में आगामी चुनाव लड़ेंगे। अगला मुख्यमंत्री भी उन्हें ही बनाएंगे।