कर्नाटक में इस समय चुनावी रण अपने चरम पर है। 10 मई को होने वाले मतदान से पहले राज्य में विभिन्न पार्टियों के नेता एक के बाद एक जनसभाएं कर रहे हैं। नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप के दौर के बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को कर्नाटक में धर्म के आधार पर आरक्षण को असंवैधानिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण असंवैधानिक है। चुनाव के बाद भाजपा कर्नाटक में मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा अपनाए गए कोटा फार्मूले को लागू करेगी।
बोम्मई सरकार के आरक्षण फार्मूले को लागू करेगी भाजपा
एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए गृहमंत्री शाह ने कहा कि मैं कर्नाटक के लोगों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि बोम्मई सरकार द्वारा आरक्षण का जो भी फॉर्मूला अपनाया गया है, हम उसे दलितों के बीच उप श्रेणी आरक्षण (आंतरिक आरक्षण) सहित जमीन पर लागू करेंगे। यह हमारा वादा है। शाह ने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण असंवैधानिक है। संविधान के तहत इसकी कभी भी अनुमति नहीं दी जा सकती।
कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति में बिजी
कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति में लिप्त होने का आरोप लगाते हए गृहमंत्री शाह ने कहा, 'कांग्रेस नेता कह रहे हैं कि वे एक बार फिर मुस्लिम आरक्षण लाएंगे। मैं उनसे पूरी विनम्रता के साथ पूछना चाहता हूं कि आप इसे वापस लाने के लिए किसे कम करेंगे? क्या आप वोक्कालिगा को कम करेंगे या लिंगायत या दलित या एसटी को। कांग्रेस को इस पर स्पष्ट रूप से सामने आना होगा।'
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि मुस्लिम समुदाय को कांग्रेस सरकार के दिए चार फीसदी आरक्षण को भाजपा ने खत्म किया और लिंगायत, वोक्कालिगा, एससी/एसटी का आरक्षण बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने कहा है कि उनकी पार्टी सत्ता में आने पर मुस्लिमों को फिर से चार फीसदी आरक्षण बहाल करेगी। उन्होंने जनता से पूछा कि क्या वे मुस्लिमों का आरक्षण वापस चाहते हैं?
धर्म के आधार पर नहीं दिया जाना चाहिए आरक्षण
उन्होंने कहा कि वो मुस्लिम समुदाय जो ओबीसी के अंतर्गत आते हैं, हम उन्हें आज भी आरक्षण देने को तैयार हैं और दे भी रहे हैं, लेकिन किसी को भी धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए। इससे पहले, सरकार ने एससी के लिए आरक्षण को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 17 प्रतिशत और एसटी के लिए 3 प्रतिशत से 7 प्रतिशत करने का फैसला किया था, जिससे कर्नाटक में कुल आरक्षण 56 प्रतिशत हो गया।
उन्होंने कहा कि यह चुनाव पूरी तरह से मोदी के विकास की राजनीति बनाम कांग्रेस की तुष्टीकरण की राजनीति को लेकर है। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में फिर से डबल इंजन की सरकार बनेगी। मोदी और हमारे सीएम बोम्मई ने कर्नाटक की प्रगति के लिए काम किया और आगे भी करेंगे। उन्होंने जनता से भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की।
जेडीएस पर लगाया परिवारवाद का आरोप
इस दौरान अमित शाह ने जद (एस) पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि जद (एस) के विपरीत भाजपा में पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री परिवार के आधार पर तय नहीं किए जाते हैं। भाजपा हमेशा परिवारवाद के खिलाफ है। कई जगहों पर पार्टी कार्यकर्ताओं के परिवार के सदस्य चुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बीजेपी परिवारवाद का पालन करती है।
इस दौरान भाजपा द्वारा मुसलमानों टिकट नहीं देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि टिकट जीतने की योग्यता के आधार पर दिए जाते हैं। हम बहुमत या अल्पसंख्यक की अवधारणा में विश्वास नहीं करते हैं।
विशाल रोड शो किया
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री ने गुंडलुपेट में विशाल रोड शो किया। शाह विशेष रूप से तैयार किए गए वाहन में सवार थे। उनके साथ मैसूरू-कोडगू से लोकसभा सांसद प्रताप सिम्हा और अन्य नेता भी थे। सड़क के दोनों ओर, आसपास की इमारतों पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और पुष्प वर्षा कर रहे थे। रोड शो में मौजूद लोगों ने भाजपा और पीएम मोदी के पक्ष में नारेबाजी भी की।