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Electoral Bond: चुनावी बॉन्ड को लेकर राहुल के तंज पर अमित शाह का पलटवार, हफ्ता वसूली वाले बयान पर पूछा यह सवाल

Thu, 21 Mar 2024 08:12 AM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा अन्य पार्टियों की तरह चंदा देने वालों की सूची का खुलासा करेगी? शाह ने जवाब दिया कि मैं आपको आश्वासन देता हूं कि एक बार जानकारी सामने आने के बाद विपक्षी गठजोड़ 'INDIA' को जनता का सामना करना मुश्किल हो जाएगा।
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अमित शाह - फोटो : एक्स/अमित शाह
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विस्तार
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कांग्रेस नेता राहुल की चुनावी बॉन्ड को लेकर की गई टिप्पणी पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पलटवार किया है। दरअसल, राहुल ने चुनावी बॉन्ड को 'हफ्ता वसूली' करार  दिया था। इस पर अमित शाह ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस नेता को यह साफ करना होगा कि उनकी पार्टी को 1,600 करोड़ रुपये कहां से मिले? शाह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा कि राहुल गांधी को भी 1,600 करोड़ रुपये मिले थे। उन्हें स्पष्ट करना चाहिए कि उन्हें 'हफ्ता वसूली' कहां से मिली। हम दावा करते हैं कि यह एक पारदर्शी चंदा है, लेकिन अगर वह इसे वसूली कहते हैं, तो उन्हें विस्तार से बताना चाहिए।
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'INDIA' को जनता का सामना करना मुश्किल हो जाएगा: शाह
यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा अन्य पार्टियों की तरह अपने दानदाताओं की सूची का खुलासा करेगी? शाह ने जवाब दिया कि मैं आपको आश्वासन देता हूं कि एक बार जानकारी सामने आने के बाद विपक्षी गठजोड़ 'INDIA' को जनता का सामना करना मुश्किल हो जाएगा। शाह ने कहा कि चुनावी बॉन्ड भारतीय राजनीति में काले धन को खत्म करने के लिए लाए गए थे। अब जब यह व्यवस्था खत्म कर दी गई है तो मुझे काले धन की वापसी का डर है।

'बॉन्ड ने राजनीति में काले धन को लगभग समाप्त किया'
उन्होंने आगे कहा कि मेरा मानना है कि इसे खत्म करने के बजाय इसमें सुधार किया जाना चाहिए। हालांकि, इसका कोई महत्व नहीं है, क्योंकि शीर्ष कोर्ट ने अपना फैसला दे दिया है और मैं इसका सम्मान करता हूं। मेरी व्यक्तिगत राय है कि बॉन्ड ने राजनीति में काले धन को लगभग समाप्त कर दिया है। यही कारण है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में पूरा इंडि गठबंधन बॉन्ड के खिलाफ था। वे चाहते थे कि कट मनी की पुरानी प्रणाली एक बार फिर से राजनीति पर हावी हो जाए।
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