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Delhi: गृहमंत्री शाह से मिले आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू, TDP के एनडीए में शामिल होने की अटकलें

Wed, 07 Feb 2024 11:52 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। दोनों की मुलाकात के बाद भाजपा और टीडीपी के बीच करीबी बढ़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि दोनों दल एक बार फिर हाथ मिलाने पर सहमत हैं।
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गृहमंत्री अमित शाह और आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम एन चंद्रबाबू नायडू (फाइल) - फोटो : AMAR UJALA
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विस्तार
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लोकसभा चुनाव-2024 से पहले राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ने लगी हैं। ताजा घटनाक्रम में दो पुराने सहयोगी राजनीतिक दल एक बार भी वार्ता के लिए सक्रिय दिख रहे हैं। कभी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के कुनबे में सहयोगी दल रही तेलुगु देशम पार्टी (TDP) एक बार भी भाजपा के करीब आ सकती है। टीडीपी सुप्रीमो चंद्रबाबू नायडू और भाजपा के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह की मुलाकात के बाद ऐसी अटकलों का बाजार गर्म होने लगा है। दोनों की मुलाकात आगामी आम चुनाव से पहले भाजपा की किलेबंदी की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।
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पूर्व सीएम नायडू अमित शाह के आवास पर पहुंचे
समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू बुधवार को नई दिल्ली में टीडीपी सांसद जयदेव गल्ला के आवास पर पहुंचे। इसके बाद नायडू ने देर शाम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की। दोनों की मुलाकात के बाद तेलुगु देशम पार्टी (TDP) और भाजपा के बीच करीबी बढ़ने के कयास लगाए जा रहे हैं। बैठक में जेपी नड्डा भी मौजूद थे। सूत्रों के अनुसार यदि नायडू भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में लौटते हैं, तो वह जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद ऐसा करने वाले दूसरे प्रमुख क्षेत्रीय नेता होंगे। भाजपा नायडू से हाथ मिलाने को तैयार
सूत्रों ने कहा कि टीडीपी अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भाजपा के साथ हाथ मिलाने के इच्छुक हैं। सत्तारूढ़ दल के एक वर्ग का मानना है कि नायडू के साथ गठबंधन से राजग को वाईएसआर कांग्रेस शासित राज्य में अच्छा प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी। भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि उनकी पार्टी गठबंधन के लिए तैयार है, लेकिन यह सब इस पर निर्भर करेगा कि राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी टीडीपी लोकसभा चुनावों के लिए कितनी सीटें देने पर सहमत होती है।  पवन कल्याण और भाजपा की करीबी
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सूत्रों ने कहा कि भाजपा 2024 के लोकसभा चुनाव में आंध्र प्रदेश की छह से आठ सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार सकती है। बता दें कि दो जून, 2014 को अलग तेलंगाना के गठन के बाद 17 लोकसभा सीटें तेलंगाना के हिस्से में चली गईं। अब आंध्र प्रदेश में 25 लोकसभा सीटें हैं। टीडीपी 2018 में एनडीए से बाहर हो गई थी, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में टीडीपी को बड़ी हार झेलनी पड़ी थी। वह केवल तीन लोकसभा सीटें जीत सकी थी। विधानसभा चुनाव में भी उसे वाईएसआर कांग्रेस के हाथों हार का स्वाद चखना पड़ा। आंध्र प्रदेश की सियासत में अभिनेता पवन कल्याण के नेतृत्व वाली जन सेना पार्टी पहले ही टीडीपी के साथ हाथ मिलाने का फैसला कर चुकी है। पवन कल्याण भाजपा के सहयोगी थे।

पीएम मोदी का दावा- भाजपा कम से कम 370 सीटें जीतेगी
तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के सांसद जयदेव गल्ला के आवास पर पहुंचे नायडू और भाजपा के किसी नेता ने इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में भाषण के दौरान दावा किया है कि चंद महीने बाद होने वाले लोकसभा चुनाव 2024 में भाजपा कम से कम 370 सीटें जीतेगी। उन्होंने कहा है कि इस बार एनडीए के सभी प्रत्याशी मिलकर 400 से अधिक सीटें जीतेंगे। 

चंद्रबाबू नायडू अपनी पार्टी के सांसद से मिलने पहुंचे
आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम नायडू ने देर शाम अपनी पार्टी- टीडीपी के सांसद जयदेव गल्ला के आवास पर भी पहुंचे। बता दें कि भाजपा और टीडीपी ने लगभग 10 साल पहले गठबंधन में चुनाव लड़ा था। 2014 का लोकसभा चुनाव एक साथ मिलकर लड़ने के बाद लंबे समय तक दोनों सहयोगी बने रहे। लोकसभा चुनाव होने तक तेलंगाना औपचारिक रूप से आंध्र प्रदेश से अलग नहीं हुआ था। भाजपा ने 2014 में संयुक्त आंध्र प्रदेश की 42 लोकसभा सीटों में से तीन सीटों पर चुनाव लड़ा था और सभी पर जीत हासिल की थी। हालांकि, बाद के दिनों में दोनों दलों के संबंधों में खटास आ गई थी। अब एक बार फिर चुनाव से ठीक पहले दोनों दल करीब आते दिख रहे हैं।
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