चीन सहित दुनिया के कई देशों में बढ़ते कोरोना संक्रमण ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से संभावित खतरे को लेकर विशेष ध्यान देने को कहा है। वहीं, दूसरी तरफ कोविशील्ड कोरोना वैक्सीन बनाने वाले सीरम इंस्टीट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने भी अपनी चिंता जाहिर की है।
चीन में हालात बेहद खराब
रिपोर्ट्स की मानें तो अभी हर रोज चीन में एक से डेढ़ लाख लोग संक्रमित मिल रहे हैं। ये दुनिया के किसी भी दूसरे देश से कहीं अधिक है। इसके अलावा मरने वालों की संख्या भी यहां दो से तीन हजार प्रतिदिन है। एक अनुमान के तहत अगले तीन महीने के अंदर चीन में कोरोना संक्रमण के चलते 10 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो सकती है। 80 करोड़ से ज्यादा लोग संक्रमित हो सकते हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर चीनी सरकार इन आंकड़ों को नहीं मानती है। डब्ल्यूएचओ को मुताबिक चीन में हर रोज 15 से 20 हजार नए संक्रमित मिल रहे हैं। वहीं, रोजाना 60 से 70 लोग जान गंवा रहे हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने की उच्च स्तरीय बैठक
कोरोना को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता में आज उच्च स्तरीय बैठक हुई। इसके बाद मंडाविया ने कहा कि कोरोना अभी गया नहीं है। सभी संबंधित पक्षों को इसे लेकर सतर्क व सावधान रहना है। उधर, नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा कि कोरोना टीकों की तीसरी या ऐहतियाती खुराक अनिवार्य है। इसे सभी को लेना चाहिए। भीड़भाड़ वाली जगह मास्क पहने की सलाह भी दी गई है।
बैठक के बाद मंडाविया ने ट्वीट कर कहा, 'कुछ देशों में बढ़ते कोरोना मामलों को देखते हुए हमने विशेषज्ञों व अधिकारियों के साथ देश में हालात की समीक्षा की। कोविड अभी गया नहीं है। सभी संबंधित पक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे सतर्क रहें और निगरानी को मजबूत करें। हम किसी भी हालात से निपटने के लिए तैयार हैं।'