फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Botad Assembly Seat: इस सीट पर जीत का छक्का लगाने से चूकी भाजपा, जानें बोटाद सीट के चुनावी समीकरण

Wed, 21 Dec 2022 02:40 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद

सार

बोटाद जिले की बोटाद विधानसभा सीट से 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के उमेशभाई मकवाना जीते। मकवाना ने भाजपा ने घनश्यामभाई विरानी को महज 2,779 वोटों से हरा दिया। भाजपा उम्मीदवार को 77,802 वोट जबकि आप को यहां 80,581 वोट मिले।
विज्ञापन
aap and bjp
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 182 विधानसभा सीटों वाले गुजरात में भाजपा के 156 प्रत्याशी चुनाव जीत गए। कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा। कांग्रेस 77 सीटों से सीधे 17 पर आ गई। मतलब कांग्रेस को 60 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। वहीं, इस बार सरकार बनाने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी के केवल पांच प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाए। एक सीट पर सपा उम्मीदवार विजयी हुए तो बाकी तीन सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं।
विज्ञापन


बोटाद जिले की बोटाद विधानसभा सीट से 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के उमेशभाई मकवाना जीते। मकवाना ने भाजपा ने घनश्यामभाई विरानी को महज 2,779 वोटों से हरा दिया। भाजपा उम्मीदवार को 77,802 वोट जबकि आप को यहां 80,581 वोट मिले। तीसरे नंबर पर कांग्रेस के मनहरभाई पटेल रहे। पटेल को 19,058 वोट मिले जो कुल वोट का मात्र 10.18 फीसदी रहा।  कांग्रेस उम्मीदवार समेत कुल 11 उम्मीदवार ऐसे भी रहे जिनकी जमानत भी जब्त हो गई। नोटा को यहां 2,433 वोट मिले।

आप ने तोड़ा भाजपा की जीत का सिलसिला
2022 से पहले भाजपा बोटाद सीट पर लगातार पांच बार जीत चुकी थी। अब तक हुए कुल 14 चुनावों में से पांच बार यहां से भाजपा को जीत मिली है। वहीं, छह बार कांग्रेस उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। हालांकि, इस सीट पर कांग्रेस को आखिरी बार 1995 में जीत मिली थी। एक-एक बार जनता दल, कांग्रेस (ओ) और आप ने बोटाद सीट पर जीत दर्ज की है। 
विज्ञापन


2017 में भाजपा को मिली थी जीत 
बोटाद विधानसभा सीट पर 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को जीत मिली थी। इस चुनाव में इस सीट से भाजपा ने सौरभ पटेल को अपना उम्मीदवार बनाया था। उन्होंने कांग्रेस के डीएम पटेल को महज 906 वोटों से हराया था। यहां इस कुल 25 उम्मीदवार मैदान में थे। इन दोनों के अलावा बाकी 23 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई थी।  सौरभ पटेल इससे पहले 1998, 2002 और 2007 में भी इस सीट से भाजपा के टिकट पर जीते थे। हालांकि, 2012 में भाजपा ने उनका टिकट काट दिया था। 2012 में उनकी जगह ठाकरशीभाई देवजीभाई मनिया  को टिकट मिला था। मनिया भी जीतने में सफल रहे थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें