तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने पोंगल के अवसर पर डीएमके कार्यकर्ताओं को एक पत्र लिखा है। जिसमें उनकी तरफ से लिखा गया है कि उनकी सरकार की महिला समर्थक नीतियों के कारण तमिलनाडु के शहर देश में महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित हैं। सीएम स्टालिन ने एक रिपोर्ट के हवाला देते हुए लिखा, चेन्नई, मदुरै, त्रिची, कोयंबटूर, सलेम, इरोड, थिरुपुर और वेल्लोर ने महिला सुरक्षा के लिए शीर्ष 20 सबसे सुरक्षित शहरों में स्थान हासिल किया है। यह हमारी द्रविड़ सरकार की तरफ से महिलाओं की सुरक्षा और महिलाओं की स्वतंत्रता को प्राथमिकता देने के कारण है।'
'सरकार का उद्देश्य महिलाएं सुरक्षित-स्वतंत्र हों'
डीएमके सुप्रीमो की तरफ से यह टिप्पणी महिलाओं के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों को संभालने के लिए सात विशेष अदालतों की स्थापना और ऐसे मामलों से निपटने में तेजी लाने के लिए एक पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में जिला स्तरीय विशेष समिति के गठन की घोषणा के एक दिन बाद आई है। सीएम स्टालिन ने कहा कि राज्य विधानसभा में महिला सुरक्षा पर केंद्रित कानूनों में संशोधन का मसौदा भी पेश किया गया। उन्होंने कहा, 'ये कानून इसलिए लाए गए ताकि तमिलनाडु की महिलाएं जो मुझे अपना पिता, भाई या बेटा मानती हैं, वे सुरक्षित महसूस करें। द्रविड़ मॉडल सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एक महिला को सुरक्षा और स्वतंत्रता का आश्वासन देकर आत्म-सम्मान के साथ स्वतंत्र बनाया जा सके।'
'हमारी योजनाएं अपना रहे देश के अन्य राज्य'
मुख्यमंत्री ने कार्यबल में महिलाओं के लिए तमिलनाडु के योगदान पर प्रकाश डाला और दावा किया कि भारत की औद्योगिक महिला कार्यबल का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा राज्य से आता है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण के लिए प्रशासन की प्रतिबद्धता के सबूत के रूप में कलैगनार मगलिर उरीमाई योजना और पुधुमाई पेन थिट्टम जैसी सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की ओर भी इशारा किया और कहा कि इन पहलों को अन्य राज्यों की तरफ से भी अपनाया जा रहा है।
भारत के शीर्ष तीन शहरों में से एक चेन्नई- रिपोर्ट
वहीं हाल ही में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, चेन्नई को महिलाओं के सामाजिक और औद्योगिक समावेशन में उत्कृष्टता प्राप्त करने वाले भारत के शीर्ष तीन शहरों में से एक के रूप में मान्यता दी गई है। इस सूची में तमिलनाडु के आठ शहरों को शामिल किया गया है, जिसमें राजधानी शहर कामकाजी महिलाओं के लिए सबसे समावेशी, सुरक्षित और लचीला और टिकाऊ शहर होने के कारण दूसरे स्थान पर है। अवतार समूह की भारत में महिलाओं के लिए शीर्ष शहर 2024 रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण भारत सबसे अधिक लिंग-समावेशी क्षेत्र के रूप में उभरा है, जिसमें दक्षिण के 16 शहर शीर्ष 25 में शामिल हैं। इसमें कहा गया है कि 2024 में कामकाजी महिलाओं के लिए देश के सर्वश्रेष्ठ शहर के रूप में शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए बेंगलुरु ने चेन्नई को पीछे छोड़ दिया है।