शनिवार को पटना में आयोजित जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी ने एनडीए में शामिल होने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी। बिहार सीएम नीतीश कुमार ने इस एनडीए में शामिल होने की सहमति जताई थी, जिसके पार्टी के बाकी सदस्यों ने भी इसका समर्थन किया। इसके बाद अब जेडीयू राष्ट्रीय स्तर पर भी भाजपा की सहयोगी बन गई है।
गौरतलब है कि नीतीश कुमार के फैसले पर निशाना साधते हुए शरद यादव ने कहा था कि जनता ने हमें पांच साल के लिए जनादेश दिया था जिसमें हमारी सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस जैसी पार्टियां थीं। फिर दूसरे दलों से हाथ क्यों मिलाया गया। शरद ने कहा कि महागठबंधन पांच साल का वादा था और इसलिए जनता ने हमें अमानत दी थी, घोषणापत्र दलों का ईमान होता है और कुछ लोगों ने यह ईमान खो दिया।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या जेडीयू के साथ आने से एनडीए की 2019 की राह और आसान होगी?'
पोल के जवाब में हमें कुल 9,222 वोट मिले। इनमें 64.13 फीसदी (5,914 वोट) पाठकों ने हां में जवाब देते हुए जेडीयू के साथ आने से एनडीए की 2019 की राह और आसान हो जाएगी से सहमति जताई है, जबकि 32.25 फीसदी (2,974 वोट) पाठकों ने सवाल से असहमति जताई है । वहीं 3.62 फीसदी (334 वोट) पाठकों ने इस मुद्दे पर कोई राय जाहिर करने में असमर्थता जताई।