लेखन और जीवन के समग्र अवदान के लिए इस वर्ष अमर उजाला का सर्वोच्च शब्द सम्मान ‘आकाशदीप’ हिंदी में प्रख्यात कथाकार शेखर जोशी और हिंदीतर भाषाओं में उड़िया की विख्यात रचनाकार प्रतिभा राय को दिया जाएगा। 21 जनवरी 1943 को जगतसिंहपुर ओडिशा में जन्मी प्रतिभा राय को अप्रतिम उड़िया रचनाकर्म के जरिये भारतीय साहित्य-संस्कृति को समृद्ध करने के लिए और 10 सितंबर, 1932 को अल्मोड़ा जनपद में जन्मे शेखर जोशी को हिंदी कथा लेखन क्षेत्र में विलक्षण योगदान के लिए यह सम्मान अर्पित होगा। आकाशदीप के अंतर्गत हिंदी के साथ पहले कन्नड़, मराठी तथा बांग्ला भाषा को लिया जा चुका है, इस वर्ष उड़िया को चुना गया है।
एक लेखक को यह पता होना चाहिए कि वह क्या लिख रहा है, क्योंकि लेखन सामाजिक जिम्मेदारी से बंधा हुआ कर्म है। - शेखर जोशी
किसी भी विषय में लिखने से पहले विषय में खुद को उतारना जरूरी होता है। जीवन में खुद को उसी के अनुरूप ढालना पड़ता है। - प्रतिभा राय
भारतीय भाषाओं के सामूहिक स्वप्न के सम्मान में अमर उजाला फाउंडेशन ने शब्द सम्मानों की स्थापना की है।
- सर्वोच्च ‘आकाशदीप’ अलंकरण हिंदी और अन्य भारतीय भाषा के एक-एक साहित्य मनीषी को अर्पित किया जाता है। अलंकरण में पांच-पांच लाख रुपये की राशि, प्रशस्ति पत्र और प्रतीक के रूप में गंगा प्रतिमा सम्मिलित हैं।
- इस क्रम में अब तक हिंदी के लिए विश्वनाथ त्रिपाठी, ज्ञानरंजन तथा नामवर सिंह को और हिंदीतर भाषाओं के लिए गिरीश कारनाड (कन्नड़), भालचंद्र नेमाड़े (मराठी) तथा शंख घोष (बांग्ला) को सर्वोच्च सम्मान दिया जा चुका है।
अमर उजाला शब्द सम्मान शीघ्र ही एक समारोह में अर्पित किए जाएंगे।
- श्रेष्ठ कृति सम्मान: शब्द सम्मान-22 के तहत कोरोना की परिस्थितियों के चलते संयुक्त वर्ष 2020-21 में प्रकाशित श्रेष्ठ हिंदी कृतियों को विचारार्थ लिया गया था। इन सम्मानों में एक-एक लाख रुपये, प्रशस्ति पत्र और गंगा प्रतिमा सम्मिलित हैं।
- छाप: कविता वर्ग में पूनम वासम के संग्रह ‘मछलियां गाएंगी एक दिन पंडुम गीत’, कथेतर वर्ग में सुधीर चंद्र की कृति ‘भूपेन खक्खर..एक अंतरंग संस्मरण’ तथा कथा वर्ग में चंदन पांडेय की किताब ‘वैधानिक गल्प’ को यह सम्मान दिया जाएगा।
- थाप (किसी रचनाकार की पहली किताब): अणुशक्ति सिंह की कृति ‘शर्मिष्ठा’ को मिलेगा सम्मान।
- भाषा-बंधु (भारतीय भाषाओं में अनुवाद): नादिया मुराद की अंग्रेजी कृति ‘द लास्ट गर्ल’ के हिंदी अनुवाद के लिए आशुतोष गर्ग को।
...जिन्होंने कसौटी पर परखा
- विश्वनाथ प्रसाद तिवारी (प्रसिद्ध आलोचक)
- लीलाधर जगूड़ी (प्रतिष्ठित कवि)
- पंकज बिष्ट (जाने-माने कथाकार)
- मैत्रेयी पुष्पा (प्रख्यात उपन्यासकार)
- सूरज प्रकाश (लेखक अनुवादक)