अमर उजाला संवाद के मंच पर पूर्व बीएसएफ डीआईजी नरेंद्र नाथ धर दुबे
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सुरक्षाबल किसी भी हालत में कानून का उल्लंघन नहीं करते
साल 2017 में सेना के एक बड़े अधिकारी को जीप में बांधकर पत्थर मारे जाने की घटना का जिक्र होने पर पूर्व बीएसएफ डीआईजी ने कहा, वे किसी घटना विशेष पर चर्चा नहीं करेंगे। लेकिन जब सुरक्षाबल ड्यूटी के दौरान कोई एक्शन लेते हैं तो कई बार ऐसा भी होता है कि गलती से भी आम नागरिकों को भी नुकसान होता है। हर जवान को स्पष्ट रूप से बताया जाता है कि क्या करना है क्या नहीं करना। सुरक्षाबल किसी भी हालत में कानून का उल्लंघन नहीं करते। आतंकियों का मकसद केवल लोगों को मारना होता है, लेकिन हमें जवाब देना होता है। सेना आतंकवादी नहीं बन सकती। गाजी बाबा का ऑपरेशन सबसे बड़ा उदाहरण है। श्रीनगर के बीचों-बीच हुए ऑपरेशन में एक भी नागरिक को नुकसान नहीं पहुंचा, केवल आतंकी मारे गए।
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सेना ने आतंकियों के लिए कब्र तैयार कर रखी है
गाजी नाम के पीछे की कहानी का जिक्र करते हुए डीआईजी ने कहा, फतह करने वाले शख्स और सर्वोच्च बताने के लिए इसका जिक्र होता है। जिस किताब में इसका जिक्र है, उसमें उपमा के तौर पर ऐसी भाषा लिखी गई है। हमारे लिए इसका वास्तविक अर्थ यही है कि चाहे जितने भी आतंकी हों, उन्हें आने दो, सेना ने उनके लिए कब्र तैयार कर रखी है।