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अमर उजाला पोल: नवाज शरीफ के कबूलनामे के बावजूद पाकिस्तान मुंबई हमले की जांच में तेजी नहीं लाएगा

Mon, 14 May 2018 08:12 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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हाल ही में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने पहली बार स्वीकार किया था कि करीब दस साल पहले मुंबई में हुए सबसे बड़े आतंकी हमले में उनके देश के आतंकवादियों का ही हाथ था। उन्होंने एक इंटरव्यू में अपने देश की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा था कि पाकिस्तान में अब भी आतंकवादी संगठन सक्रिय हैं।

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नवाज ने इंटरव्यू के दौरान कहा था कि आप उन्हें नॉन स्टेट एक्टर का नाम दे सकते हैं लेकिन क्या उन्हें सीमा पार कर मुंबई में 150 लोगों की हत्या की इजाजत देनी चाहिए।  हालांकि बाद में नवाज ने कहा था कि उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। मालूम हो कि 26 नवंबर, 2008 को लश्कर-ए-ताइबा के 10 आतंकियों ने मुंबई पर हमला कर दिया था जिसमें 166 लोग मारे गए थे। बता दें कि भारत ने आरोप लगाया था कि 2008 में मुंबई पर हुए 26/11 के आतंकी हमले को पाकिस्तानी आतंकियों ने अंजाम दिया था। इस आरोप के बाद से पाकिस्तान सरकार इस मामले की जांच कर रही है।  

इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के कबूलनामे के बाद क्या पाकिस्तान 26/11 आतंकी हमले की जांच में तेजी लाएगा?'
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पोल के जवाब में हमें कुल 2,855 वोट मिले। इनमें 23.45 फीसदी (679 वोट) पाठकों ने माना कि नवाज शरीफ के कबूलनामे के बाद पाकिस्तान मुंबई आतंकी हमले की जांच में तेजी लाएगा, जबकि 76.55 फीसदी (2,216 वोट) पाठकों ने सवाल के जवाब में असहमति जताते हुए कहा कि शरीफ के कबूलनामे के बावजूद पाकिस्तान मुंबई हमले की जांच में तेजी नहीं लाएगा। 

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