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अमर उजाला हिंदी हैं हम प्रतियोगिता: गौरव की 'माथे की बिंदी' सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म, जीता पांच लाख का पुरस्कार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार संभव Updated Thu, 04 Nov 2021 06:29 AM IST

सार

केंद्रीय विचार, सिनेमाई भाषा तथा संपूर्ण रचनात्मक प्रभाव की कसौटियों पर एक उच्च स्तरीय निर्णायक मंडल ने इनका चयन किया। लगभग एक हजार से ज़्यादा प्रविष्टियां इस लघु फिल्म प्रतियोगिता के तहत विचारार्थ मिली थीं। 
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अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' प्रतियोगिता - फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' लघु फिल्म प्रतियोगिता में युवा फिल्मकार गौरव मिश्रा की फिल्म 'माथे की बिंदी' को सर्वश्रेष्ठ फिल्म के रूप में पांच लाख रुपये के पुरस्कार के लिए चुना गया है। एक-एक लाख के पांच अन्य पुरस्कारों के लिए जिन फिल्मकारों की फिल्में चुनी गई हैं, उनमें शाम्भव पांडेय की किताबी कीड़ा, शिवेंद्र प्रताप सिंह की धन्यवाद, अक्षांश योगेश्वर की गाय, नवीन अग्रवाल की सुकून और यशवर्धन गोस्वामी की मदर टंग शामिल हैं।
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अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' प्रतियोगिता - फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला 'हिंदी हैं हम' लघु फिल्म प्रतियोगिता में युवा फिल्मकार गौरव मिश्रा की फिल्म 'माथे की बिंदी' को सर्वश्रेष्ठ फिल्म के रूप में पांच लाख रुपये के पुरस्कार के लिए चुना गया है। एक-एक लाख के पांच अन्य पुरस्कारों के लिए जिन फिल्मकारों की फिल्में चुनी गई हैं, उनमें शाम्भव पांडेय की किताबी कीड़ा, शिवेंद्र प्रताप सिंह की धन्यवाद, अक्षांश योगेश्वर की गाय, नवीन अग्रवाल की सुकून और यशवर्धन गोस्वामी की मदर टंग शामिल हैं।

मिली थीं एक हजार से ज्यादा प्रविष्टियां

केंद्रीय विचार, सिनेमाई भाषा तथा संपूर्ण रचनात्मक प्रभाव की कसौटियों पर एक उच्च स्तरीय निर्णायक मंडल ने इनका चयन किया। लगभग एक हजार से ज़्यादा प्रविष्टियां इस लघु फिल्म प्रतियोगिता के तहत विचारार्थ मिली थीं। विशेष उल्लेख के तहत ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह (जा नहीं पाएंगे आप), नमन राठी  (अनुवादक: एक कहानी), सूर्य कर्ण गुप्ता (अंगरेज़ी जलेबी), सौरभ कुमार (अख़बार), रवि कुमार आर्य (द लास्ट अटेम्प्ट) की फिल्में नामांकित की गई हैं।

सराहनीय माने गए इन फिल्मकारों के प्रयास

निर्णायकों ने जिन फिल्मकारों को सराहनीय प्रयास के अंतर्गत माना, उनमें एस आर शाह, प्रतीक त्रिपाठी, योगेश अरोरा, प्रखर विशवानी, शांतनु सिंधु और अरविंद कुमार शामिल हैं। आंतरिक जूरी में चार विषय विशेषज्ञ शामिल थे और अंतिम निर्णय के लिए बाह्य जूरी का प्रतिनिधित्व डिस्कवरी कम्युनिकेशन इंडिया की प्रबंध निदेशक (साउथ एशिया) मेघा टाटा ने किया। जल्द ही, एक विशेष समारोह में इन फिल्मों का प्रीमियर आयोजित किया जाएगा, जिसमें विजेता सम्मानित होंगे।

मेघा टाटा ने कही यह बात

हमारी शानदार विरासत में जहां हिंदी सबसे ज्यादा लोगों द्वारा बोली जाती है, अभिव्यक्ति के असंख्य रूप हैं। भाषा को लगातार हरा रखने और उसका उत्सव मनाने के कई तरीके हो सकते हैं। 'हिंदी हैं हम' अमर उजाला का एक विलक्षण अभियान है, जो भाषा के जरिये लोगों को जोड़ने के साथ  हमारी जिंदगी में हिंदी की सांस्कृतिक अहमियत को रेखांकित करता है। मुझे गर्व है कि मैं इसका हिस्सा बनी।  - मेघा टाटा, प्रबंध निदेशक, डिस्कवरी

ये हैं लघु फिल्मों के नाम और उनके निर्माता

  • सर्वोच्च सम्मान
सर्वश्रेष्ठ लघु फिल्म: माथे की बिंदी 
फिल्मकार: गौरव मिश्रा 
  • विशेष सम्मान  
श्रेष्ठ लघु फिल्म: किताबी कीड़ा
फिल्मकार: शाम्भव पांडेय
  • विशेष सम्मान  
श्रेष्ठ लघु फिल्म: धन्यवाद
फिल्मकार: शिवेंद्र प्रताप सिंह 
  • विशेष सम्मान  
श्रेष्ठ लघु फिल्म: गाय
फिल्मकार: अक्षांश योगेश्वर
  • विशेष सम्मान  
श्रेष्ठ लघु फिल्म: सुकून 
फिल्मकार: नवीन अग्रवाल
  • विशेष सम्मान  
श्रेष्ठ लघु फिल्म: मदर टंग 
फिल्मकार: यशवर्धन गोस्वामी 
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